रायपुर : CGPSC और DMF फंड घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टोडियल रिमांड पूरी होने के बाद आरोपी सतपाल सिंह छाबड़ा और उत्कर्ष चंद्राकर को शनिवार को विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया गया। मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया है। अब दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
5 दिन की ED रिमांड हुई पूरी
दोनों आरोपियों की 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड शनिवार को पूरी हो गई थी। इसके बाद ED दोनों को लेकर विशेष PMLA कोर्ट पहुंची। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी की ओर से आरोपियों की रिमांड आगे बढ़ाने के लिए कोई आवेदन पेश नहीं किया गया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष अदालत ने सतपाल सिंह छाबड़ा और उत्कर्ष चंद्राकर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
1 सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी के बाद पेशी
ED ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद 1 सितंबर को विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया था। उस दौरान जांच एजेंसी ने दोनों से पूछताछ के लिए 5-5 दिन की कस्टोडियल रिमांड की मांग की थी।
अदालत ने ED की मांग स्वीकार करते हुए दोनों आरोपियों को 5 सितंबर तक जांच एजेंसी की हिरासत में भेज दिया था। रिमांड अवधि के दौरान ED ने कथित वित्तीय अनियमितताओं, लेन-देन और घोटाले से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर दोनों से पूछताछ की।
अब न्यायिक हिरासत में रहेंगे आरोपी
कस्टोडियल रिमांड खत्म होने के बाद ED ने रिमांड बढ़ाने के लिए कोई आवेदन नहीं दिया। इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
इससे पहले आरोपियों की पिछली पेशी के दौरान सतपाल सिंह छाबड़ा की पत्नी के कोर्ट परिसर पहुंचने के बाद कुछ देर के लिए हंगामे जैसी स्थिति भी बनी थी। बाद में कोर्ट की कार्यवाही आगे बढ़ी थी।
फिलहाल DMF फंड घोटाला और CGPSC घोटाला से जुड़े मामलों में ED की जांच जारी है। दोनों आरोपियों के न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद अब मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।



