Home ज्योतिष Navratri 2026: नवरात्रि पर बन रहा खास संयोग, हाथी पर सवार होकर...

Navratri 2026: नवरात्रि पर बन रहा खास संयोग, हाथी पर सवार होकर आएंगी माता रानी; जानें घटस्थापना का समय

5
0

शारदीय नवरात्रि 2026: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व है। हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि का शुभारंभ होता है। नौ दिनों तक भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना यानी कलश स्थापना के साथ मां भगवती की आराधना शुरू होती है।

नवरात्रि के नौ दिनों के बाद दशमी तिथि को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाता है। साल 2026 में शारदीय नवरात्रि कब से शुरू होगी, घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और नौ दिनों में किस दिन किस देवी की पूजा होगी, आइए जानते हैं।

 शारदीय नवरात्रि 2026 कब से शुरू होगी?

पंचांग के अनुसार, आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2026 की रात 9 बजकर 19 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 11 अक्टूबर 2026 की रात 9 बजकर 30 मिनट पर होगा।

उदयातिथि के अनुसार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होगी। इसी दिन विधि-विधान से घटस्थापना की जाएगी और मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा होगी।

 घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

घटस्थापना मुहूर्त:
11 अक्टूबर 2026, सुबह 6:31 बजे से 10:27 बजे तक

अभिजित मुहूर्त:
11 अक्टूबर 2026, दोपहर 12:01 बजे से 12:49 बजे तक

नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करके मां दुर्गा की पूजा शुरू करना विशेष फलदायी माना जाता है।

 शारदीय नवरात्रि 2026 की प्रमुख तिथियां

11 अक्टूबर: नवरात्रि का पहला दिन — मां शैलपुत्री पूजा और घटस्थापना

12 अक्टूबर: दूसरा दिन — मां ब्रह्मचारिणी पूजा

13 अक्टूबर: तीसरा दिन — मां चंद्रघंटा पूजा

14 अक्टूबर: चौथा दिन — मां कूष्मांडा पूजा

15 अक्टूबर: पांचवां दिन — मां स्कंदमाता पूजा

16 अक्टूबर: छठा दिन — मां कात्यायनी पूजा

17 अक्टूबर: सातवां दिन — मां कालरात्रि पूजा

18 अक्टूबर: आठवां दिन — अष्टमी से जुड़े पूजा-अनुष्ठान

19 अक्टूबर: नवमी — मां महागौरी, महा नवमी, दुर्गा अष्टमी, संधि पूजा और मां सिद्धिदात्री की पूजा

20 अक्टूबर: नवमी पूजा, दुर्गा विसर्जन और विजयादशमी

हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

इस साल शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के हाथी पर सवार होकर धरती पर आने की मान्यता बताई जा रही है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, जब नवरात्रि की शुरुआत रविवार या सोमवार से होती है तो माता रानी का वाहन हाथी माना जाता है।

हाथी को सुख, समृद्धि, स्थिरता और शुभता का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में हाथी पर मां दुर्गा का आगमन धार्मिक दृष्टि से शुभ संकेत माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में भक्त माता के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह जानकारी दी गई है। पूजा की तिथि और मुहूर्त में स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।