रायपुर : छत्तीसगढ़ में एक बार फिर PSC परीक्षा और कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सवालों के घेरे में है, तो दूसरी ओर प्रदेश के जल, जंगल और जमीन को उद्योगपतियों के हित में इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही है।
PSC परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप
दीपक बैज ने PSC परीक्षा को लेकर सरकार के पुराने वादे पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने परीक्षा व्यवस्था को UPSC की तर्ज पर पारदर्शी बनाने का वादा किया था। इसके बावजूद परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों के बीच असंतोष और सवाल बने हुए हैं।
बैज के मुताबिक 265 पदों के लिए आयोजित परीक्षा में मुख्य परीक्षा के बाद पदों की संख्या के तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना था, लेकिन इंटरव्यू के लिए केवल 608 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों का दावा है कि निर्धारित न्यूनतम अंकों के आधार पर अन्य अभ्यर्थियों को भी साक्षात्कार का अवसर मिलना चाहिए था।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने वर्ष 2024 की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि दो अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं सामने आई हैं, जिनमें उत्तर समान बताए जा रहे हैं, लेकिन एक अभ्यर्थी को शून्य अंक मिले और दूसरे को अंक दिए गए।
बैज ने सवाल उठाया कि यदि दोनों उत्तर समान हैं तो मूल्यांकन में अंकों का इतना अंतर कैसे आया? उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
तारा कोल ब्लॉक की नीलामी पर सरकार को घेरा
दीपक बैज ने तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लेमरू क्षेत्र को वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र माना गया था। तारा समेत नौ कोल ब्लॉक को नीलामी से बाहर रखने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भी भेजा गया था।
बैज ने कहा कि हसदेव अरण्य में खनन के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया गया था। उनके अनुसार इसके बाद कोयला मंत्रालय ने 40 कोल ब्लॉक को नीलामी से अलग रखा था।
लेमरू और हाथी क्षेत्र को लेकर भी सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि 11 दिसंबर 2025 को राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर लेमरू क्षेत्र को एलीफेंट एक्टिव एरिया से अलग बताया था। बैज ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि वास्तविक स्थिति यह है कि इस क्षेत्र में हाथियों की सक्रिय आवाजाही होती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई और कोयला खनन हुआ तो इसका सीधा असर वन्यजीवों पर पड़ेगा। जंगलों का क्षेत्र घटने से हाथियों के आबादी वाले इलाकों में आने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे मानव-हाथी संघर्ष और गंभीर होने की आशंका है।
बैज ने सरकार से PSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही तारा कोल ब्लॉक समेत हसदेव क्षेत्र से जुड़े कोल ब्लॉकों की नीलामी पर पुनर्विचार करने की मांग की।
धर्मांतरण के मुद्दे पर भी भाजपा पर निशाना
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम और उपमुख्यमंत्री अरुण साव के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक बैज ने भाजपा पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि कानून बनाए जाने के बावजूद यदि धर्मांतरण के मामले सामने आ रहे हैं तो सरकार को इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। बैज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्रिसमस के अवसर पर चर्च जाने का उल्लेख करते हुए भाजपा की राजनीति पर सवाल उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धर्मांतरण के मुद्दे को वोट बैंक की राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रही है और समाज में ध्रुवीकरण पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
‘RSS देश में दीमक की तरह’ बोले बैज
दीपक बैज ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “RSS देश में दीमक की तरह है।”
राम मंदिर से जुड़े चंदे को लेकर भी बैज ने भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर जनता सब जानती है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी आगे भी युवाओं, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था, जल-जंगल-जमीन और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरती रहेगी।



