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7 दिन बाद आज होगा गणपति विसर्जन, जानें 20 सितंबर का शुभ मुहूर्त और पूरी विधि

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गणेशोत्सव के दौरान भक्त अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार भगवान गणेश की प्रतिमा को अलग-अलग दिनों तक घर या पंडाल में विराजित करते हैं। गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाले इस उत्सव का समापन प्रतिमा विसर्जन के साथ किया जाता है। कई श्रद्धालु डेढ़, 3, 5, 7 या 10 दिनों तक बप्पा को अपने घर में विराजमान रखते हैं।

अगर आपने गणेश चतुर्थी के दिन गणपति की स्थापना 7 दिनों के लिए की थी, तो रविवार, 20 सितंबर 2026 को बप्पा का विसर्जन किया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार विसर्जन से पहले विधि-विधान से पूजा, आरती और क्षमा प्रार्थना करने के बाद भगवान गणेश को विदाई दी जाती है।

गणेश विसर्जन के शुभ चौघड़िया

20 सितंबर को गणपति विसर्जन के लिए दिन और रात में कई शुभ चौघड़िया बताए गए हैं। समय इस प्रकार है—

– प्रातःकाल — चर, लाभ, अमृत: सुबह 7:58 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक
– अपराह्न — शुभ: दोपहर 2:03 बजे से 3:34 बजे तक
– सायंकाल — शुभ, अमृत, चर: शाम 6:37 बजे से रात 11:03 बजे तक
– रात्रि — लाभ: 21 सितंबर को रात 2:01 बजे से 3:29 बजे तक
– उषाकाल — शुभ: 21 सितंबर को सुबह 4:58 बजे से 6:27 बजे तक

7वें दिन गणेश विसर्जन के प्रमुख मुहूर्त

सातवें दिन बप्पा की विदाई के लिए बताए गए प्रमुख समय ये हैं—

– पहला शुभ समय: सुबह 7:42 बजे से दोपहर 12:16 बजे तक
– दूसरा शुभ समय: दोपहर 1:47 बजे से 3:18 बजे तक
– तीसरा शुभ समय: शाम 6:21 बजे से रात 10:47 बजे तक

ध्यान दें: पंचांग की गणना स्थान के अनुसार बदल सकती है। इसलिए विसर्जन से पहले अपने शहर के स्थानीय पंचांग में दिए गए समय का मिलान करना उचित रहेगा।

विसर्जन से पहले ऐसे करें गणपति की पूजा

बप्पा को विदाई देने से पहले घर में श्रद्धापूर्वक पूजा और आरती करें। भगवान गणेश को फूल, दूर्वा, सिंदूर और अक्षत अर्पित करें। इसके बाद मोदक या बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं।

परिवार के सभी सदस्य मिलकर गणेश जी की आरती करें और गणपति मंत्रों का जाप करें। पूजा के दौरान हाथ में फूल और अक्षत लेकर जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए भगवान से क्षमा प्रार्थना करें।

इसके बाद गणेश जी को पुष्प और अक्षत अर्पित कर चौकी को सावधानी से आगे खिसकाएं। प्रतिमा को सम्मानपूर्वक उठाकर विसर्जन के लिए ले जाएं।

‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष के साथ दें विदाई

विसर्जन यात्रा के दौरान श्रद्धालु ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ जैसे जयघोष करते हुए बप्पा को विदाई देते हैं। विसर्जन स्थल पर पहुंचने के बाद श्रद्धापूर्वक प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है।

घर पर कैसे करें गणेश विसर्जन?

यदि किसी कारण से घर पर ही गणपति विसर्जन करना हो तो एक बड़े और साफ पात्र में पर्याप्त पानी भर सकते हैं। इसमें गंगाजल और पुष्प डालकर श्रद्धापूर्वक गणेश प्रतिमा को धीरे-धीरे विसर्जित किया जा सकता है।

पर्यावरण की दृष्टि से प्राकृतिक मिट्टी से बनी प्रतिमा को प्राथमिकता देना बेहतर है। विसर्जन के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित व्यवस्था का इस्तेमाल करें। पूजा सामग्री को नदियों, तालाबों या अन्य जलस्रोतों में फेंकने से बचें।