मुंगेली : पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय बैंक खाते से 26 लाख 87 हजार रुपये के कथित अनधिकृत लेन-देन के मामले में मुंगेली पुलिस ने कार्रवाई की है। सिटी कोतवाली पुलिस ने इस मामले में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में लिपिक के पद पर पदस्थ रहे टिकेश कुमार को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली मुंगेली में अपराध क्रमांक 253/2026 दर्ज किया गया है। मामले में धारा 318(4) और 316(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपी को 23 सितंबर 2026 को गिरफ्तार करने के बाद 24 सितंबर को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
कलेक्टर के आदेश के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस के मुताबिक, 7 अगस्त 2026 को मुंगेली कलेक्टर के आदेश के आधार पर पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद से जुड़े शासकीय बैंक खाते में हुए अनधिकृत लेन-देन की जांच और प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश मिले थे।
इसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने बैंकिंग दस्तावेजों, खाते से संबंधित रिकॉर्ड और लेन-देन की जानकारी की जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को खाते से कई अनियमित ट्रांजेक्शन होने की जानकारी मिली।
30 सितंबर से 8 अक्टूबर 2025 के बीच 7 ट्रांजेक्शन
पुलिस जांच के अनुसार 30 सितंबर 2025 से 8 अक्टूबर 2025 के बीच शासकीय खाते से कुल 7 बार अनधिकृत ट्रांजेक्शन किए गए। इन लेन-देन में कुल 26.87 लाख रुपये की राशि का आहरण और पुनः जमा किया जाना सामने आया।
जांच में पुलिस के अनुसार 30 सितंबर 2025 को शासकीय खाते से आरोपी के व्यक्तिगत बैंक खाते में 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद 1 अक्टूबर 2025 को मंजुलता पटेल के बैंक खाते में 9.19 लाख रुपये और 9.18 लाख रुपये, यानी कुल 26.87 लाख रुपये के लेन-देन का विवरण सामने आया।
पुलिस के मुताबिक, इस राशि में से 1 लाख 61 हजार 500 रुपये की अतिरिक्त राशि शासन के खाते में वापस आ गई थी।
बैंक में लिपिक था आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी टिकेश कुमार, उम्र 30 वर्ष, ग्राम खैरवाही, थाना चारामा, जिला कांकेर का निवासी है और वर्तमान में रायपुर में रह रहा था।
वह 29 अगस्त 2022 से 27 जनवरी 2026 तक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में क्लर्क के पद पर पदस्थ रहा। पुलिस के मुताबिक, उसे ग्राहक केवाईसी, मोबाइल नंबर लिंकिंग, खाता संचालन तथा एनईएफटी और आरटीजीएस समेत विभिन्न बैंकिंग कार्यों की जिम्मेदारी दी गई थी।
पुलिस का कहना है कि बैंक मैनेजर के निर्देश पर पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद से जुड़े बंद शासकीय खाते को दोबारा सक्रिय कराया गया था। इसके बाद इसी खाते से कथित अनधिकृत राशि अंतरण की बात जांच में सामने आई।
आरोपी ने अप्रूवल के बाद ट्रांजेक्शन की बात कही
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि संबंधित राशि का ट्रांसफर बैंक मैनेजर के अप्रूवल के बाद सीबीएस प्रणाली के माध्यम से किया गया था।
पुलिस ने आरोपी के कथन के साथ बैंकिंग दस्तावेज, ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, सीबीएस प्रणाली में दर्ज विवरण और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। पुलिस के अनुसार इन रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की भूमिका प्रथम दृष्टया सामने आने के बाद मामले में धारा 316(5) बीएनएस जोड़ी गई और उसे गिरफ्तार किया गया।
एसएसपी के निर्देश पर खंगाले गए बैंकिंग रिकॉर्ड
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शासकीय राशि से संबंधित लेन-देन की विस्तृत जांच के निर्देश दिए थे। बैंकिंग रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच के साथ प्रकरण में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी साक्ष्यों के आधार पर जांचने के निर्देश दिए गए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला और एसडीओपी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली पुलिस ने बैंक खाते, ट्रांजेक्शन विवरण, संबंधित बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की जांच की।
23 सितंबर को गिरफ्तारी, अगले दिन न्यायिक रिमांड
विवेचना के दौरान पुलिस ने टिकेश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी भूमिका प्रथम दृष्टया सामने आने के बाद 23 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 24 सितंबर को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और अन्य संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
इनकी रही अहम भूमिका
कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली मुंगेली के निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े, सउनि ईश्वर सिंह राजपूत तथा आरक्षक विकास ठाकुर, योगेश यादव और मनोज टंडन की अहम भूमिका रही।



