खंडवा : मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नर्मदा नदी के बीच यात्रियों को लेकर जा रही एक नाव में अचानक आग लग गई। हादसा ओंकारेश्वर थाना क्षेत्र के गोमुख घाट के सामने हुआ।
नाव में लगे पेट्रोल इंजन से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। उस समय नाव में 6 यात्री सवार थे। आग लगते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि नाविक ने स्थिति को संभालते हुए सभी यात्रियों को समय रहते दूसरी नाव में सुरक्षित पहुंचा दिया।
पेट्रोल इंजन में अचानक लगी आग
जानकारी के मुताबिक, घटना गुरुवार सुबह करीब 11 बजे की है। नाव क्रमांक 198 यात्रियों को लेकर नर्मदा नदी में जा रही थी। इसी दौरान नाव में लगे होंडा कंपनी के पेट्रोल इंजन में अचानक आग लग गई।
कुछ ही देर में इंजन से तेज लपटें उठने लगीं। नदी के बीच नाव में आग देखकर उसमें सवार यात्रियों के बीच घबराहट फैल गई।
नाविक की सूझबूझ से बची यात्रियों की जान
आग लगने के बाद नाविक ने बिना घबराए तत्काल यात्रियों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई शुरू की। उसने नाव में सवार सभी 6 यात्रियों को दूसरी नाव में शिफ्ट कराया।
इसके बाद यात्रियों को सुरक्षित घाट तक पहुंचाया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी यात्री के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है।
कैमरे में कैद हुई आग की घटना
नाव में आग लगने की घटना कैमरे में भी कैद हुई है। वीडियो में नाव से आग की तेज लपटें उठती दिखाई दे रही हैं। घटना के बाद ओंकारेश्वर में नावों की सुरक्षा और उनके इंजन की जांच को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों में ब्रह्मपुरी घाट समेत ओंकारेश्वर के अन्य घाटों पर भी नावों में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं।
CMO ने इंजन जब्त करने के दिए निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद की सीएमओ मोनिका पारधी ने नाव के इंजन को तत्काल जब्त करने के निर्देश दिए हैं। नगर परिषद की टीम अब आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।
जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग इंजन में तकनीकी खराबी के कारण लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
नावों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी पर रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक नावों से आवागमन करते हैं। ऐसे में नाव के इंजन में अचानक आग लगने की घटना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
इस हादसे में नाविक की तत्परता से बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने नावों के नियमित रखरखाव, इंजन की जांच और सुरक्षा मानकों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।



