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डायबिटीज में अमरूद वरदान, लेकिन खाने में कर दी ये गलती तो फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

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डायबिटीज के मरीजों के लिए फलों का चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स और फाइबर की अच्छी मात्रा के कारण अमरूद को अक्सर डायबिटीज डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है। इसमें पोटेशियम और अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

हालांकि, न्यूट्रिशनिस्ट और वेट लॉस कोच लीमा महाजन के मुताबिक, अमरूद खाने का तरीका भी महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि डायबिटीज या बढ़े हुए बैड कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को अमरूद का सेवन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

पका हुआ अमरूद खाते समय रखें ध्यान

लीमा महाजन के मुताबिक, अगर अमरूद पूरी तरह पक चुका है तो उसे छिलके के साथ खाने के बजाय छीलकर खाना बेहतर हो सकता है। उनके अनुसार, पके अमरूद में शुगर की मात्रा अपेक्षाकृत बढ़ सकती है और उन्होंने एक छह सप्ताह की स्टडी का हवाला देते हुए बताया कि छिलके सहित पके अमरूद का सेवन करने वाले समूह में कुछ मेटाबॉलिक पैरामीटर बढ़े हुए पाए गए, जबकि छीलकर अमरूद खाने वाले समूह में इनमें कमी देखी गई।

हालांकि, ऐसे दावों को व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और कुल डाइट के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल में कैसे खाएं अमरूद?

न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह के मुताबिक, डायबिटीज या बढ़े हुए बैड कोलेस्ट्रॉल वाले लोग डाइट में कम पका या कच्चा अमरूद शामिल कर सकते हैं। अगर पका हुआ अमरूद खाना पसंद है तो उसे छीलकर खाने की सलाह दी गई है।

साथ ही, किसी भी फल को डाइट में शामिल करते समय उसकी मात्रा और व्यक्ति के ब्लड शुगर लेवल को ध्यान में रखना जरूरी है।

अमरूद खाने के और भी फायदे

अमरूद सिर्फ डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल के संदर्भ में ही चर्चा में नहीं रहता, बल्कि इसमें मौजूद फाइबर, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स भी इसे पौष्टिक फल बनाते हैं।

फाइबर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी होता है और कब्ज जैसी समस्या में मदद कर सकता है। वहीं, अमरूद में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभाते हैं और इम्यून सिस्टम के सामान्य कामकाज में योगदान देते हैं।

इसमें मौजूद पोटेशियम भी संतुलित आहार का हिस्सा होने पर सामान्य ब्लड प्रेशर बनाए रखने में मदद करता है।