रायपुर: कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द ही छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर आ सकते हैं। उनका संभावित दौरा बोधघाट परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं और उनकी मांगों पर केंद्रित रह सकता है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस प्रभावित ग्रामीणों की आवाज उठाएगी और उनकी समस्याओं को प्रमुखता से सामने लाएगी।
दीपक बैज के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत ने अपने बस्तर दौरे के दौरान प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी परेशानियों और चिंताओं को सुना था। अब राहुल गांधी भी बस्तर पहुंचकर ग्रामीणों से चर्चा कर सकते हैं। हालांकि, उनके दौरे की आधिकारिक तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है।
बोधघाट परियोजना प्रभावितों से करेंगे चर्चा
बोधघाट परियोजना को लेकर बस्तर क्षेत्र में प्रभावित ग्रामीणों की चिंताओं के बीच कांग्रेस इस मुद्दे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। दीपक बैज ने कहा कि पार्टी ग्रामीणों की समस्याओं को सामने लाएगी और उनके हितों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाएगी।
राहुल गांधी के संभावित दौरे को इसी पहल से जोड़कर देखा जा रहा है। यदि दौरा तय होता है, तो प्रभावित ग्रामीणों के साथ उनकी बातचीत अहम हो सकती है।
दूसरे राज्य से बिजली खरीदने की तैयारी पर उठाए सवाल
दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ सरकार की बिजली नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली का उत्पादन होने के बावजूद दूसरे राज्य से बिजली खरीदने की तैयारी की जा रही है। उनके अनुसार, इस फैसले का आर्थिक बोझ आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
उन्होंने बिजली की बढ़ती दरों और महंगाई का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से जनता की परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने बिजली विभाग में निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका पर भी आपत्ति जताई।
रेल मंत्री के दौरे पर भी साधा निशाना
प्रदेश में रेल सेवाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहले से ही ट्रेनों का संचालन प्रभावित है, ऐसे में रेल मंत्री के दौरे के दौरान यात्रियों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि रेल मंत्री का दौरा आम जनता की परेशानियों के समाधान के बजाय उद्योगपतियों और कॉरपोरेट घरानों के हितों पर केंद्रित है।
बस्तर दौरे पर टिकी नजरें
राहुल गांधी के संभावित बस्तर दौरे को लेकर अब आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार है। कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे बोधघाट परियोजना, बिजली दरों और रेल सेवाओं से जुड़े मुद्दे राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं। दौरे की तारीख और कार्यक्रम सामने आने के बाद इसकी रूपरेखा स्पष्ट होगी।



