साल्हेवारा : छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने नियमों के उल्लंघन के मामले में बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर के सोनोग्राफी केंद्र को सीलबंद कर दिया है। जांच के दौरान केंद्र में अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति, पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत निर्धारित प्रपत्रों को सही तरीके से नहीं भरने और सोनोग्राफी रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेजों में अन्य रेडियोलॉजिस्ट के डिजिटल हस्ताक्षर पहले से दर्ज होने जैसी अनियमितताएं सामने आई थीं।
शिकायत के बाद शुरू हुई थी जांच
बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर, साल्हेवारा के खिलाफ पहले शिकायत मिली थी। इसके आधार पर पीसीपीएनडीटी एक्ट के जिला नोडल अधिकारी डॉ. मनीष बघेल और उनकी टीम ने केंद्र का निरीक्षण किया। जांच में सोनोग्राफी केंद्र के संचालन से संबंधित नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन में कमियां पाई गईं।
इसके बाद केंद्र संचालक को नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए थे। जांच में सामने आई अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
जांच में मिलीं ये अनियमितताएं
प्रशासन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान केंद्र में कोई अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं मिला। इसके अलावा पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत निर्धारित प्रपत्रों को नियमानुसार नहीं भरा जा रहा था।
सोनोग्राफी रिपोर्टिंग से जुड़े दस्तावेजों की जांच में ऐसे प्रारूप भी मिले, जिनमें किसी अन्य रेडियोलॉजिस्ट के डिजिटल हस्ताक्षर पहले से अंकित थे। इन बिंदुओं को जांच प्रतिवेदन में शामिल किया गया।
जिला सलाहकार समिति ने लिया सील करने का फैसला
केंद्र संचालक की ओर से नोटिस के जवाब में प्रस्तुत पक्ष को जिला सलाहकार समिति की बैठक में रखा गया। बैठक में जांच प्रतिवेदन, सामने आई अनियमितताओं और संचालक के जवाब पर विस्तार से विचार किया गया। इसके बाद समिति ने सर्वसम्मति से सोनोग्राफी केंद्र को सीलबंद करने का निर्णय लिया।
समिति के निर्णय के आधार पर कलेक्टर एवं पीसीपीएनडीटी के समुचित प्राधिकारी ने उच्चस्तरीय संयुक्त जांच और कार्रवाई दल गठित कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
14 अक्टूबर को संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
कलेक्टर के निर्देश पर 14 अक्टूबर 2026 को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम साल्हेवारा स्थित बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंची। निर्धारित प्रक्रिया के तहत सोनोग्राफी केंद्र को सीलबंद कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर पूजा पिंचा, पीसीपीएनडीटी के अधिकृत समुचित प्राधिकारी डॉ. मनीष बघेल, डॉ. बोधन सिंह, डॉ. पंकज वैष्णव, डॉ. विवेक बिसेन और संबंधित लिपिक अर्पित गुप्ता मौजूद रहे।
नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित मानकों और कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। सोनोग्राफी केंद्रों का संचालन पीसीपीएनडीटी एक्ट के अनुरूप किया जाना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



