Home छत्तीसगढ़ नियमितीकरण की मांग पर रायपुर में तकनीकी सहायकों का प्रदर्शन, मांगें नहीं...

नियमितीकरण की मांग पर रायपुर में तकनीकी सहायकों का प्रदर्शन, मांगें नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल

1
0

रायपुर :  छत्तीसगढ़ में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत विकसित भारत जी राम जी (VB-G RAM G) में कार्यरत तकनीकी सहायकों ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर राज्य स्तरीय हड़ताल की। प्रदेशभर से पहुंचे कर्मचारी नया रायपुर के तुता धरना स्थल पर एकत्र हुए और नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे इससे पहले तीन दिवसीय जिला स्तरीय हड़ताल कर चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई। इसी के बाद राज्य स्तरीय हड़ताल का निर्णय लिया गया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे।

नियमितीकरण का वादा पूरा नहीं होने का आरोप

तकनीकी सहायकों ने कहा कि नियमितीकरण को लेकर पहले आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उसे पूरा नहीं किया गया है। कर्मचारियों की मांग है कि उनकी सेवाओं को स्थायित्व दिया जाए और लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान किया जाए।

तकनीकी सहायकों की ये हैं तीन प्रमुख मांगें

1. नियमित पदों का सृजन और समायोजन

कर्मचारियों की मांग है कि VB-G RAM G में कार्यरत सभी तकनीकी सहायकों के लिए नियमित पद सृजित किए जाएं और उन्हें उन पदों पर समायोजित किया जाए।

2. स्थायीकरण नियमावली लागू की जाए

तकनीकी सहायकों का कहना है कि नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक उनकी सेवा शर्तों के लिए पंचायत विभाग में कार्यरत ग्राम पंचायत सचिवों की तरह स्थायीकरण नियमावली तत्काल लागू की जाए।

3. पदनाम बदलकर ‘कनिष्ठ अभियंता’ किया जाए

कर्मचारी चाहते हैं कि विकसित भारत जी राम जी योजना में कार्यरत तकनीकी सहायकों का पदनाम बदलकर ‘कनिष्ठ अभियंता (VB-G RAM G)’ किया जाए।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज

राज्य स्तरीय हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं। जिला स्तर पर प्रदर्शन के बाद भी समाधान नहीं मिलने के कारण अब राज्य स्तर पर आंदोलन किया जा रहा है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया जाएगा। अब इस मामले में राज्य सरकार और संबंधित विभाग के अगले कदम पर कर्मचारियों की नजर है।