नई दिल्ली: CJP नेता अभिजीत दिपके से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। उन्हें SEM कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। दिपके की जमानत से कॉकरोच जनता पार्टी के लोगों में एक बार फिर उत्साह नजर आ रहा है।
दिपके को कैसे मिली जमानत?
मिली जानकारी के मुताबिक, अभिजीत दिपके को पीस बांड पर जमानत दी गई है, जिसकी कंडीशन कोर्ट ने तय की है। उन्हें 50 हजार के श्योरिटी बांड पर जमानत मिली है।
इस मामले में दिल्ली पुलिस का बयान भी सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने बताया है कि CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी गई है। एक ‘पीस बॉन्ड’ (शांति बनाए रखने का मुचलका) पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा।
किन धाराओं में गिरफ्तार किए गए थे अभिजीत?
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी फाउंडर अभिजीत दिपके और नेहा बोरा को प्रिवेंटिव सेक्शन्स के तहत हिरासत में लिया था। इसके बाद नेहा को 65 डीपी एक्ट में लीगल फॉर्मेलिटी के बाद छोड़ दिया गया लेकिन अभिजीत को शांति भंग के केस में BNSS की धारा 126/170 में गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद आज अभिजीत को SEM कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें सशर्त जमानत मिल गई।
दिपके की जिन धाराओं में गिरफ्तारी हुई, वह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 थीं, जिसमें धारा 126 के तहत मजिस्ट्रेट द्वारा शांति बनाए रखने के लिए मुचलका या बॉन्ड भरवाया जाता है, वहीं धारा 170 के तहत पुलिस को ये अधिकार है कि वह शांति भंग या संभावित अपराध को रोकने के लिए एहतियातन गिरफ्तारी कर सकती है।
ममता बनर्जी ने किया था दिपके को सपोर्ट
हाल ही में खबर सामने आई थी कि जब दिल्ली में तिरंगा मार्च का ऐलान करने वाले CJP के लीडर अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया गया तो पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनके सपोर्ट में आ गईं और उन्होंने केंद्र सरकार व दिल्ली पुलिस को जमकर खरी-खरी सुनाईं। ममता ने साफ कहा कि अभिजीत दिपके और उनके साथी ना घबराएं, अभी दीदी आपके साथ हैं।


