भानुप्रतापपुर : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में इलाज के बहाने नाबालिग छात्रा के कथित यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, गांव में बैगा-गुनिया के रूप में काम करने वाले एक व्यक्ति पर छात्रा को इलाज के बहाने अपने घर बुलाकर दुष्कर्म करने का आरोप है। छात्रा के गर्भवती होने की जानकारी मिलने के बाद मामला सामने आया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है।
छात्रावास में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में गर्भावस्था का पता चला
मामला ताड़ोकी थाना क्षेत्र का है। पीड़िता भानुप्रतापपुर क्षेत्र के एक छात्रावास में रहकर पढ़ाई करती थी। जानकारी के मुताबिक, 16 अक्टूबर 2026 की रात उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद छात्रावास की अधीक्षिका ने परिजनों को सूचना दी।
परिजन छात्रा को उपचार के लिए अंतागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां चिकित्सकीय जांच के दौरान उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद सोनोग्राफी कराई गई, जिसमें गर्भावस्था करीब पांच महीने की बताई गई। इस जानकारी के बाद परिजनों ने छात्रा से पूछताछ की, तब कथित यौन शोषण की बात सामने आई।
पेट दर्द की शिकायत पर बैगा के पास ले गए थे परिजन
पुलिस के मुताबिक, अप्रैल 2026 में छात्रा को पेट दर्द की शिकायत हुई थी। इसके बाद परिजन उसे गांव के 44 वर्षीय रमेश पिस्दा के पास इलाज के लिए ले गए थे। आरोपी बैगा-गुनिया के तौर पर काम करने के साथ एक स्कूल में रसोइया भी बताया गया है।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने छात्रा को बच्चेदानी में परेशानी होने की बात कही और उसे ताबीज दिया। आरोप है कि इसके बाद वह इलाज के बहाने छात्रा को अलग-अलग मौकों पर अपने घर बुलाने लगा।
नशीली दवा देकर दुष्कर्म करने का आरोप
पीड़िता के बयान के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर उसे नशीली दवा देकर बेहोश कर देता था और इसी दौरान उसके साथ दुष्कर्म करता था। शिकायत में कहा गया है कि बेहोशी के कारण छात्रा को कथित घटनाओं की जानकारी नहीं हो पाती थी।
परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 को ताड़ोकी थाने में मामला दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1), 64(2)(m) और 65(1) के साथ पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत अपराध दर्ज किया गया।
इसके बाद पुलिस ने 19 अक्टूबर 2026 को आरोपी रमेश कुमार पिस्दा (44), निवासी ग्राम आमागांव, को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया।
कलेक्टर ने गठित की जांच समिति, दो अधिकारियों को नोटिस
मामले को लेकर जिला प्रशासन ने भी कार्रवाई की है। कलेक्टर कुंदन कुमार ने जांच समिति गठित की है। भानुप्रतापपुर के एसडीएम अनिकेत फडतारे के नेतृत्व में समिति मामले से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी।
इसके अलावा छात्रावास की अधीक्षिका और संकुल समन्वयक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच में छात्रावास स्तर पर सामने आए तथ्यों और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियों की पड़ताल की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। नाबालिग की सुरक्षा, चिकित्सकीय देखभाल और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करना भी इस मामले में महत्वपूर्ण है।



