जगदलपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने विधि-विधान से मां दंतेश्वरी के दर्शन किए और देशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे। दोनों ने मां दंतेश्वरी के दर्शन कर प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की प्रार्थना की।
राष्ट्रपति का आगमन बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव: CM साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मां दंतेश्वरी के प्रति बस्तर अंचल के लोगों की गहरी और अटूट आस्था है। मां दंतेश्वरी यहां की धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ लोकजीवन और सांस्कृतिक परंपराओं का भी अभिन्न हिस्सा हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का मां दंतेश्वरी के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचना बस्तर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर है। उनके प्रवास से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर सम्मान मिलने की उम्मीद है।
जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को मिलेगी नई पहचान
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर की विशिष्ट पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अंचल अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राचीन परंपराओं और विशिष्ट जीवन मूल्यों के लिए जाना जाता है। यहां की जीवनशैली में प्रकृति, आस्था और सामाजिक परंपराओं का गहरा संबंध देखने को मिलता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और सम्मान मिलने में मदद मिलेगी।
बस्तरवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र हैं मां दंतेश्वरी
मां दंतेश्वरी बस्तर अंचल की आराध्य देवी मानी जाती हैं। क्षेत्र के लोगों की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं में मंदिर का विशेष स्थान है। मां दंतेश्वरी की उपासना बस्तर की सदियों पुरानी परंपराओं और सामाजिक जीवन से गहराई से जुड़ी हुई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मंदिर दर्शन को बस्तर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



