लोरमी: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी वनांचल क्षेत्र के ग्राम जमुनाही में शनिवार तड़के हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने ग्रामीणों के मकानों को नुकसान पहुंचाया और खूंटे से बंधे मवेशियों को कुचलकर मार डाला। अचानक हुए इस हमले से गांव में दहशत फैल गई। खतरे को भांपकर एक ग्रामीण अपने पत्नी-बच्चों के साथ घर छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर भागा, जिससे परिवार की जान बच गई।
तड़के 3 बजे सुनाई दी हाथियों की चिंघाड़
जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार तड़के करीब 3 बजे की है। ग्राम जमुनाही निवासी नीलकंठ यादव को हाथियों के चिंघाड़ने की तेज आवाज सुनाई दी। उन्होंने टॉर्च की रोशनी में बाहर देखा तो हाथियों का एक बड़ा झुंड उनके घर की ओर बढ़ता दिखाई दिया।
खतरे को देखते हुए नीलकंठ ने तुरंत अपनी पत्नी और बच्चों को जगाया और बिना देर किए घर से निकलकर बस्ती की सुरक्षित जगह की ओर भाग गए। समय रहते घर छोड़ने के कारण उनका परिवार सुरक्षित बच गया। हालांकि, घर में बंधे मवेशियों को नहीं बचाया जा सका।
मकान ढहाया, मवेशियों की मौत से ग्रामीण चिंतित
ग्रामीणों के मुताबिक, हाथियों के झुंड ने नीलकंठ यादव के मकान को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा आसपास के अन्य ग्रामीणों के घरों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
झुंड ने खूंटे से बंधे मवेशियों को पैरों तले कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद प्रभावित परिवारों को घर और पशुधन के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
वन विभाग की टीम मौके पर, मुआवजे की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और नुकसान का आकलन करने में जुटी है।
घटना के बाद जमुनाही और आसपास के वनांचल क्षेत्रों में ग्रामीणों के बीच डर का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा देने और हाथियों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
फिलहाल, हाथियों के झुंड की आगे की गतिविधियों और नुकसान के आकलन को लेकर वन विभाग की कार्रवाई जारी है। ग्रामीणों से भी सतर्क रहने और हाथियों के करीब जाने से बचने की अपील की जा रही है।



