बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ससुर की हत्या के मामले में अदालत ने बहू और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार, दोनों ने बिजली का करंट लगाकर मनोहर निर्मलकर की हत्या की थी और वारदात को छिपाने के लिए मौत को हादसा बताने की कोशिश की थी। मामले में ग्रामीणों के संदेह और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हत्या का खुलासा हुआ।
अंतिम संस्कार से पहले ग्रामीणों को हुआ शक
मामला डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के खड़ेनाडीही गांव का है। मृतक की पहचान मनोहर निर्मलकर के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, 16 जुलाई 2025 को मनोहर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जा रहे थे, तभी ग्रामीणों ने मृतक के चेहरे और माथे पर चोट के निशान देखे।
इन निशानों को देखकर ग्रामीणों को मौत के कारणों पर संदेह हुआ। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही डौंडीलोहारा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या का खुलासा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच में मामला सामान्य मौत का नहीं, बल्कि हत्या का सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और मृतक की बहू गीता बाई निर्मलकर (30) तथा उसके प्रेमी लेखराम निषाद (25) को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, गीता बाई का पति गौकरण निर्मलकर है और वह खड़ेनाडीही गांव की निवासी है। वहीं, लेखराम निषाद ग्राम बड़गांव का रहने वाला है और हारमोनियम सिखाने का काम करता था।
संबंधों का विरोध बना हत्या की वजह
जांच में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, लेखराम हारमोनियम सिखाने के लिए गीता के घर आता था। इसी दौरान दोनों के बीच संबंध बन गए। बताया गया कि मनोहर निर्मलकर को इसकी जानकारी हो गई थी और उन्होंने इसका विरोध किया था।
अभियोजन के अनुसार, इसी विरोध के चलते गीता और लेखराम ने मनोहर को रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप था कि 16 जुलाई 2025 की रात जब मनोहर बिस्तर पर सो रहे थे, तब उन्हें करंट लगाकर मार दिया गया।
चोट को हादसा बताकर गुमराह करने की कोशिश
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हत्या के बाद घटना को छिपाने के लिए मृतक के चेहरे पर लगी चोट को साइकिल से गिरने का परिणाम बताया गया था। चोट के निशानों पर हल्दी, गुलाल और तेल लगाने की बात भी सामने आई। इसके बाद शव के अंतिम संस्कार की तैयारी की गई, लेकिन ग्रामीणों के संदेह के कारण पुलिस तक सूचना पहुंच गई और मामले की जांच शुरू हुई।
अदालत ने दोनों को सुनाई उम्रकैद
मामले में गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया था। अब एडीजे कोर्ट ने दोनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले के साथ ही मनोहर निर्मलकर की हत्या से जुड़े मामले में अदालत की कार्यवाही का अहम पड़ाव पूरा हुआ।



