बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की है। टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से Nitrosun-10 की 1,500 टैबलेट बरामद की हैं। जब्त गोलियों की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर नशीली गोलियां बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे। कार्रवाई के दौरान नकदी, दोपहिया वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
मुखबिर की सूचना पर रामघाट मंदिर के पास दबिश
पुलिस के अनुसार, जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए एसपी किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 27 अक्टूबर को बालोद थाने में पदस्थ निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा को मुखबिर से सूचना मिली कि तांदुला नदी के किनारे रामघाट मंदिर के पास कुछ लोग बाइक और स्कूटी में नशीली दवाएं लेकर ग्राहक तलाश रहे हैं।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और ANTF की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी। वहां मौजूद तीन संदिग्धों को पकड़कर तलाशी ली गई, जिसमें नशीली गोलियां बरामद हुईं।
1,500 Nitrosun-10 टैबलेट जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवीन चावला, आशीष निर्मलकर और किशन बहादुर उर्फ नेपाली के रूप में की है। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से Nitrosun-10 (Nitrazepam Tablets IP) की 1,500 टैबलेट मिलीं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है।
कार्रवाई के दौरान नकदी, दोपहिया वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे ये गोलियां ओडिशा के भुवनेश्वर से लेकर आ रहे थे।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
मामले में बालोद थाने में अपराध दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act), 1985 की धारा 22(ग) के तहत कार्रवाई की है।
फिलहाल पुलिस जब्त सामग्री, दवाओं की आपूर्ति के स्रोत और आरोपियों की कथित भूमिका की जांच कर रही है। मामले में आगे की जानकारी जांच के निष्कर्षों के आधार पर सामने आएगी।



