धमतरी : नगर निगम की हालत इतनी खराब हो गई है कि अपने कर्मचारियों को तीन माह से वेतन नहीं दे पाया है। शहर में लोगों को मूलभूत सुविधा प्रदान करने वाले नगर निगम के कर्मचारियों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है, जिससे निगम के कर्मचारियों ने नारजगी देखने को मिल रही है। दरअसल नगर निगम एक स्वायत्तशासी संस्था है। ऐसे में नगर निगम का पूरा खर्च शहरवासियों से मिलने वाले तमाम तरह के टैक्स से चलता है।
बता दे कि मौजूदा वक्त में प्लेसमेंट और नियमित मिलाकर नगर निगम में करीब 350 कर्मचारी कार्यरत है, जिनको तीन माह से वेतन नहीं मिल पाया है। ऐसे में कर्मचारियों को घर परिवार चलाने में काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ है। कर्मचारियों ने बताया कि कभी भी उनको समय पर वेतन नहीं मिला पाता। हर बार वेतन के लिए महीनो इंतजार करना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लोग वेतन पर ही निर्भर है और उनके पास आय का कोई दूसरा जरिया भी नही है।
कई कर्मचारियों ने बैकों से लोन भी ले रखा है, जिसे चुकाने में भी परेशानी हो रही है। ऐसे में कर्मचारी समय पर वेतन देने की मांग निगम प्रशासन से कर रहे हैं। बहरहाल निगम आयुक्त का कहना है कि जैसे-जैसे टैक्स की वूसली हो रही है और बारी-बारी से कर्मचारियों को वेतन दे रहे है। गौरतलब है कि नगर निगम का हर बार का यही रोना है कि निगम में फंड नही है, जिसके कारण से कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पाता। बहरहाल नगर निगम को अपनी आय बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति बनानी होगी, जिससे कि निगम का संचालन सुचारू रूप से चल सके।




