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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पोलिंग पार्टियों को हेलीकॉप्टर से किया रवाना, निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पोलिंग बूथों को किया शिफ्ट

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बस्तर संभाग की 12 विधानसभा सीटों पर चुनाव तैयारी अंतिम दौर पर हैं। 5 नवंबर को चुनाव प्रचार का शोर थमने के साथ 7 नवंबर को मतदान होना है। बस्तर संभाग की 12 में से नौ विधानसभा सीटों पर सुबह 7:00 से 3:00 तक का मतदान का समय तय किया गया है। वहीं अपेक्षाकृत कम नक्सल प्रभावित और शहरी क्षेत्र की तीन विधानसभा बस्तर, चित्रकोट, जगदलपुर सीटों पर 8 से 5 बजे तक मतदान होगा। इस बीच 4 नवंबर से ही मतदान दलों को रवाना करने का सिलसिला शुरू हो गया है। बस्तर संभाग की 12 विधानसभा सीटों के लिए 2900 पोलिंग बूथ तैयार किए गए हैं । इनमें 650 नक्सली संवेदनशील हैं।

150 पोलिंग पार्टियों को हेलीकॉप्टर से किया रवाना

बस्तर संभाग में इस बार 196 पोलिंग बूथ को शिफ्ट किया गया है नक्सली संवेदनशील दूरस्थ और सुरक्षा के लिहाज से निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इन पोलिंग बूथ को शिफ्ट किया गया है। शिफ्टिंग के दौरान ग्रामीणों को मतदान के लिए कम से कम दूरी तय करनी पड़े इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखा गया है 4 नवंबर से नारायणपुर बीजापुर और सुकमा जिले में पोलिंग पार्टियों को रवाना करने का काम शुरू कर दिया गया है।

पहले चरण में हेलीकॉप्टर से जिन पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्रों तक पहुंचना है वहां मतदान दलों को ई वी एम के साथ रवाना किया जा रहा है। पूरे बस्तर संभाग की 12 विधानसभा में 150 पोलिंग पार्टियों को हेलीकॉप्टर के जरिए रवाना की जा रही है।

साल 2018 में कुल 196 बूथ शिफ्ट किए गए थे उसकी जगह इस बार 156 बूथो को ही शिफ्ट किया गया है यह पहली बार है जब 126 नए ऐसे पोलिंग बूथ है जिनको नक्सल प्रभाव खत्म होने के बाद गांव में ही रखा गया है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि इस बार कम ही मतदान केंद्र हैं जहां पोलिंग पार्टियों को सुरक्षा के लिहाज से पैदल जाना पड़ेगा। परिस्थिति के अनुसार और सुरक्षा आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पोलिंग पार्टियों को पैदल ले जाना या फिर वाहनों के जरिए पोलिंग बूथ तक पहुंचाना तय किया जाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सुरक्षा के सभी पुख्ता इंतजाम किए हैं बस्तर में पहले से मौजूद सुरक्षा बल के अलावा चुनाव के दौरान साढे तीन सौ पैरामिलिट्री फोर्स की अतिरिक्त कंपनियां भी शांतिपूर्ण चुनाव के लिए तैनात की गई है।