बता दें कि सांसद चंद्रशेखर आजाद शुक्रवार को मथुरा पहुंचे। दोपहर में वह अपने काफिले के साथ रिफाइनरी थाना क्षेत्र के एक गांव में पहुंचे। यहां पिछले दिनों दलित बहनों की शादी थी, दबंगों ने बहनों और बरातियों को पीटा, इससे बरात लौट गई। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और फिर उनका काफिला मांट के सिर्रेला गांव पहंचा।
पीड़ित परिजनों ने मिले सांसद चंद्रशेखर
यहां एक सप्ताह पहले वासुदेव बघेल का शव फंदे पर लटका मिला था, उन्होंने स्वजन से मुलाकात की और इसके बाद सुरीर के गांव भगत नगरिया जा रहे थे। इस गांव में भी एक सप्ताह पूर्व ब्राह्मण और जाटव समाज के बीच विवाद हुआ। कई लोग घायल हो गए थे।
भगत नगरिया के ही आंबेडकर पार्क में रात में किसी अराजकतत्व ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के चेहरा खंडित कर दिया। इससे गांव में तनाव की स्थिति बन गई। शाम करीब साढ़े पांच बजे चंद्रशेखर सिर्रेला गांव से भगत नगरिया जा रहे थे, तभी परसोतीगढ़ी गांव के पास उनका काफिला पहुंचा।
बाइक सवार युवकों ने काफिले पर किया पथराव
सड़क के दोनों ओर बाइक पर खड़े कुछ युवकों ने काफिले पर पथराव कर दिया। एक गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसमें राया के गांव सीमाना निवासी नीरज के हाथ की अंगुली में चोट लग गई, जबकि पुलिस की गाड़ी चला रहे एक अन्य सिपाही को भी मामूली चोट आई है।
एक सिपाही और एक युवक घायल, समर्थकों ने किया जबरदस्त हंगामा
समर्थकों ने परसोतीगढ़ी के कान्हा और नगला बरी के कृष्णा को मौके से पकड़कर पीटा और पुलिस को सौंपा। पथराव में यह लोग शामिल थे कि नहीं पुलिस इसकी जांच कर रही है। इंस्पेक्टर सुरीर संजीवकांत मिश्रा ने कहा कि बाइक सवारों ने कुछ पत्थर फेंके थे, वह कौन थे, इसकी जांच की जा रही है।