Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ को केंद्र की एक और सौगात : खरसिया से नया रायपुर-...

छत्तीसगढ़ को केंद्र की एक और सौगात : खरसिया से नया रायपुर- परमालकसा के लिए नई रेल लाइन स्वीकृत

17
0

रायपुर : केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को एक और बड़ी सौगात दी है। खरसिया से नया रायपुर-परमालकसा (दुर्ग-राजनांदगांव के बीच) के लिए नई रेल लाइन स्वीकृत की गई है। शुक्रवार 4 अ्रपैल को इस परियोजना की स्वीकृति संबंधी आदेश पारित किया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने नई रेल परियोजना को स्वीकृत दे दी है। इस परियोजना पर 8,741 करोड़ रुपए की लागत आने वाली है। केंद्र सरकार की ओर से नई रेल लाइन को मंजूरी दिए जाने पर सीएम साय ने केंद्र सरकार के प्रति आभार जताया है। श्री साय ने कहा कि, नई परियोजना प्रदेश में रेल सुविधाओं के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगी। उनहोंने कहा कि, इस परियोजना के माध्यम से बलौदाबाजार जिले के साथ ही अन्य क्षेत्रों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इस परियोजना के साथ ही इन क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ

उल्लेखनीय है कि, 30 मार्च को ही पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने छत्तीसढ़ दौरे के दिन मोहभट्ठा बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस अवसर पर 2,695 करोड़ रूपए की लागत से पूरी हो चुकी चार रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करने के साथ ही 7 रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखी। छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विकास और यात्रियों को किफायती एवं सुगम परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम है। इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

मंदिर हसौद, सीबीडी, केंद्री और अभनपुर स्टेशनों पर रुकेगी मेमू

रायपुर और अभनपुर के बीच मेमू ट्रेन शुरू होने से आम लोगों के लिए आवागमन किफायती और आसान होगा। इस ट्रेन का ठहराव मंदिर हसौद, सीबीडी, केंद्री और अभनपुर स्टेशनों पर होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 747 करोड़ की लागत से राजनांदगांव-बोरतलाव तक बिछाई गई तीसरी रेल लाइन, 353 करोड़ की लागत से मंदिर हसौद-केन्द्री-अभनपुर नई रेल लाइन, 88 करोड़ की लागत से दुर्ग-रायपुर स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली के साथ ही छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का लोकार्पण किया।

तीसरी और चौथी लाइन के लिए भी शिलान्यास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने खरसिया-झाराडीह पांचवीं रेल लाइन, सरगबुंदिया-मड़वारानी तीसरी-चौथी रेल लाइन, दाधापारा-बिल्हा-दगोरी चौथी रेल लाइन, निपनिया-भाटापारा-हथबंद चौथी रेल लाइन, भिलाई-भिलाई नगर-दुर्ग लिंक केबिन चौथी रेल लाइन, राजनांदगांव-डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन, और करगी रोड-सल्का रोड तीसरी रेल लाइन का शिलान्यास किया।

मुख्य विशेषताएँ

  1. कुल लंबाई- 278 किमी लंबा रेलमार्ग, 615 किमी ट्रैक की लंबाई
  2. स्टेशनों की संख्या- 21
  3. पुल और फ्लाईओवर- 48 बड़े पुल, 349 छोटे पुल, 14 आरओबी, 184 आरयूबी, 5 रेल फ्लाईओवर
  4. ट्रैफिक क्षमता- 21 से 38 मिलियन टन कार्गो, 8 मेल/एक्सप्रेस/सेमी हाई-स्पीड ट्रेनें
  5. ईंधन और पर्यावरण संरक्षण- 22 करोड़ लीटर डीजल की बचत प्रतिवर्ष
  6. 113 करोड़ किग्रा CO2 की कटौती- यह लगभग 4.5 करोड़ पेड़ों के लगाने के बराबर है।
  7. लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी- सड़क परिवहन की तुलना में प्रतिवर्ष ₹2,520 करोड़ की बचत
  8. इन ज़िलों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ- रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, बलौदा बाज़ार, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव।

राज्य की प्रगति का नया युग

इस परियोजना से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों में तीव्र गति आएगी। यह पहल पर्यावरणीय स्थिरता और ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर को नया आयाम देगी।