
छुरा : 6 अगस्त 2025 को नगर पंचायत छुरा की सामान्य सभा का बैठक में एक बार फिर लोकतंत्र को बहुमत के नाम पर रौंदने की कोशिश की गई, और एक महिला नगर अध्यक्ष के नेतृत्व का अपमान किया गया। यह बात छुरा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लुकेश्वरी निषाद के द्वारा कही गई। उन्होंने कहा कि सामान्य सभा की कार्यसूची पूर्व से तय थी, जिसमें स्वतंत्रता दिवस आयोजन से लेकर मोहल्ला समिति गठन, व्यावसायिक परिसरों की चर्चा और अन्य समसामयिक विषय शामिल थे। बैठक की शुरुआत तय एजेंडे के पहले बिंदु — “स्वतंत्रता दिवस आयोजन” — से हुई। लेकिन जैसे ही यह बिंदु पूरा हुआ, उसके बाद अगले मुख्य द्वितीय बिंदु — “15वें वित्त आयोग मद अंतर्गत वार्ड क्रमांक 07 बस स्टैण्ड से बजरंग चौक तक पेवर ब्लॉक निर्माण का स्थल परिवर्तन” — पर चर्चा शुरू होने जा रही थी, अध्यक्ष श्रीमती लुकेश्वरी थानसिंग निषाद ने स्पष्ट कहा कि जिस मार्ग पर पेवर ब्लॉक लगाने की बात की जा रही है, वहां आने वाले दिनों में रोड चौड़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है। यदि वहां पेवर ब्लॉक लगाया गया, तो वह निर्माण कार्य जेसीबी से उखाड़ कर बर्बाद कर दिया जाएगा।
ऐसी स्थिति में जनता के टैक्स के पैसों की बर्बादी क्यों की जाए?
इसलिए अध्यक्ष ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए यह सुझाव दिया कि पेवर ब्लॉक को नगर के मुख्य व्यावसायिक मार्ग सदर रोड में लगाया जाए, जिससे नगर के व्यापारियों और ग्राहकों को सुविधाएं मिले, और विकास कार्य भी स्थायी हो। लेकिन दुर्भाग्य से यह भी विपक्ष को रास नहीं आया। जनता के हित की बात करना, समझदारी से पैसों का उपयोग करना, और स्थायी विकास की बात करना आज कुछ विपक्ष की राजनीतिक स्वार्थ और घमंड की दीवारों से टकरा रही है।
और नतीजा यह हुआ कि…
विपक्ष ने इस विषय को सुनते ही चर्चा करने से इनकार कर दिया।
जब अध्यक्ष श्रीमती लुकेश्वरी थानसिंग निषाद ने संयम के साथ आग्रह किया कि पहले तय एजेंडों पर चर्चा की जाए, फिर 5वें बिंदु “अन्य समसामयिक विषयों” में उनकी बातों को शामिल किया जाएगा — तब विपक्षी पार्षदों ने खुले शब्दों में कह दिया कि “हम बहुमत में हैं, पहले हमारी बातें होंगी, नहीं तो हम सभा का बहिष्कार करेंगे।
यह न सिर्फ लोकतांत्रिक मर्यादा का घोर अपमान है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कुछ जनप्रतिनिधि अब जनता के मुद्दों को पीछे और अपनी राजनीति को आगे रखना चाहते हैं।
जब अध्यक्ष ने शांतिपूर्वक समझाइश दी, विपक्ष को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का स्मरण कराया, तब भी उनकी बातों को नजरअंदाज कर, विपक्ष ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और सभाकक्ष से बाहर निकल गए।इस प्रकार का कृत्य साफ-साफ दिखाता है कि आज विपक्ष न तो अध्यक्ष के पद की गरिमा का सम्मान कर रहे हैं और न ही जनता के उन मुद्दों का, जिनके लिए वे चुनकर आए हैं। यह नगरवासियों की मूलभूत आवश्यकताओं की खुली अवहेलना है।
यह बात अब साफ होने लगी है कि अध्यक्ष एक महिला हैं, और यह बात विपक्षी पार्षदों को हजम नहीं हो रही। जब एक महिला संयम और मर्यादा के साथ नेतृत्व करती है, विकास की दिशा में कार्य करती है, तो उसे चुनौती नहीं, बल्कि सहयोग मिलना चाहिए — लेकिन यहां तो स्थिति उलट है।
एक सामान्य घर की बेटी जब कुर्सी पर पहुंची है, तो विपक्ष अपनी कुंठित मानसिकता के कारण उस नेतृत्व को ही नकारने पर उतारू हैं।क्या नगर पंचायत कुछ लोगों की जिद पर चलेगी,क्या महिला नेतृत्व को यूँ ही दबाया जाएगा,क्या लोकतंत्र बहुमत के घमंड में दम तोड़ेगा?
अब जनता देख रही है — और बहुत जल्द जवाब भी मांगेगी,यह सिर्फ एक महिला अध्यक्ष का नहीं पूरे नगर का अपमान है। उक्त बातें नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लुकेश्वरी निषाद ने कही।




