हर साल 29 सितंबर को ‘World Heart Day’ मनाया जाता है। इसका मकसद लोगों को दिल से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूक करना है, क्योंकि यह आज दुनिया में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण बन गई हैं।
इस खास मौके पर, डॉक्टर एक बहुत ही जरूरी बात पर जोर दे रहे हैं। जी हां, डॉ. सुनील वाधवा (एसोसिएट डायरेक्टर, कार्डियोलॉजी, मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम) का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर सीधे तौर पर हार्ट फेलियर का कारण बनता है। चौंकाने वाली बात यह है कि 90% से ज्यादा हार्ट फेलियर के मरीजों में पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।
पुरुषों में लगभग 39% और महिलाओं में करीब 59% मामलों में हार्ट फेलियर की जड़ हाई ब्लड प्रेशर ही होता है। यही नहीं, करीब 90% मरीजों में हार्ट फेलियर से पहले हाई ब्लड प्रेशर की समस्या पाई जाती है।
कितना फर्क डालता है ब्लड प्रेशर?अगर किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 160/90 mmHg से ज्यादा है तो उसकी पूरी जिंदगी में हार्ट फेलियर का खतरा दोगुना बढ़ जाता है, जबकि जिनका ब्लड प्रेशर 140/90 mmHg से कम है उनमें यह जोखिम काफी कम होता है।
खासतौर पर रात के समय का ब्लड प्रेशर (Nighttime BP) भी बेहद मायने रखता है। रिसर्च में पाया गया है कि जिन लोगों का ब्लड प्रेशर रात में ज्यादा रहता है या जिनका सामान्य दिन-रात का पैटर्न बिगड़ा हुआ होता है (जैसे “नॉन-डिपर” या “राइजर” पैटर्न), उनमें और अन्य हृदय रोगों का खतरा और बढ़ जाता है।
- दवाइयों के साथ-साथ लाइफस्टाइल में बदलाव भी बेहद जरूरी है।
- वजन पर काबू रखें: मोटापा ब्लड प्रेशर और हार्ट फेलियर दोनों का बड़ा कारण है।
- हेल्दी खानपान अपनाएं: फल, सब्जियां, दालें, मछली और पोल्ट्री प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दें।
- नमक का इनटेक कम करें: दिनभर में 5 ग्राम से ज्यादा नमक का सेवन न करें।
- फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाएं: रोज कम से कम 30 मिनट तक तेज चलना या अन्य मध्यम स्तर की एक्सरसाइज करें।




