नई दिल्ली : बहारें फिर भी आएंगी, शोले, चुपके-चुपके और चरस जैसी दर्जनों अविस्मरणीय फिल्मों से हिंदी सिनेमा को समृद्ध करने वाले दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र इस दुनिया को अलविदा कह गए। दिलकश मुस्कान और आकर्षक व्यक्तित्व के दम पर उन्होंने कई दशकों तक अपने फैंस के दिलों पर राज किया। वह एक ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने ब्लैक एंड व्हाइट से कलर और अब डिजिटल युग में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को बदलते देखा। साथ यह सुनिश्चित किया कि वह हर दौर में प्रासंगिक रहें
वहीं इंटरनेट मीडिया पर सिनेमा और राजनीति से जुड़े लोगों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। परिवार की तरफ से उनके निधन पर कोई बयान जारी नहीं हुआ। धर्मेंद्र को मुखाग्नि उनके बड़े बेटे सनी देओल दी। हालांकि, लता मंगेशकर, दिलीप कुमार, मनोज कुमार और श्रीदेवी जैसे सितारों की तरह धर्मेंद्र को राजकीय सम्मान के साथ विदा नहीं करने को लेकर सवाल भी मथते रहे। बताते चलें, गत 11 नवंबर को अस्पताल में भर्ती धर्मेंद्र के निधन की खबरों पर उनकी पत्नी हेमा मालिनी, बेटी एशा देओल और पुत्र सनी देओल ने कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके अगले दिन उन्हें घर लाया गया, तब से उनका घर पर ही इलाज चल रहा था। आठ दिसंबर को उनका 90वां जन्मदिन मनाने की तैयारी भी उनका परिवार कर रहा था।
लगातार सुर्खियों में रही धर्मेंद्र की पर्सनल लाइफधर्मेंद्र ने दो शादियां की। पहली पत्नी प्रकाश कौर से दो बेटे सनी देओल तथा बाबी देओल और दो बेटियां विजेता तथा अजीता हैं। साल 1980 में उन्होंने अभिनेत्री हेमा मालिनी से शादी की। दोनों की बेटियां एशा और अहाना हैं। 1981 में धर्मेंद्र ने प्रोडक्शन हाउस विजेता फिल्म्स शुरू किया। इसके बैनर तले अपने दोनों बेटों, भतीजे अभय देओल और पोते करण देओल को लांच किया। पद्म भूषण से भी सम्मानित धर्मेंद्र ने कुछ समय के लिए राजनीति में भी हाथ आजमाया। 2004 में भाजपा के टिकट पर वह बीकानेर से लोकसभा सदस्य बने। जिंदगी के रंगमंच से विदाई ले चुके अभिनेता 25 दिसंबर को रिलीज हो रही फिल्म इक्कीस में नजर आएंगे।




