वाशिंगटन: अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने यमन में आगामी सैन्य कार्रवाई से संबंधित संवेदनशील योजना को अपने निजी फोन से साझा कर दिया, जिसके चलते अमेरिकी सेना खतरे में पड़ गई।
इस मामले को रक्षा मंत्रालय, पेंटागन के इंस्पेक्टर जनरल ने एक रिपोर्ट के तौर पर सार्वजनिक किया है। रिपोर्ट में अनधिकृत मेसेजिंग एप और उपकरणों की रक्षा विभाग में इस्तेमाल की आलोचना की गई है।
ये मामला तब सामने आया जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वॉल्ट्ज ने अनजाने में ‘द अटलांटिक’ के पत्रकार जेफरी गोल्डबर्ग को भी ‘सिग्नल टेस्ट’ श्रृंखला में जोड़ दिया।
हेगसेथ ने सिग्नल एप के जरिये हूथी आतंकियों पर अमेरिकी सेना के हमले से संबंधित योजना साझा की थी, जिससे पेंटागन के आंतरिक नियमों का उल्लंघन हुआ, जिससे सैन्यकर्मी या उनका मिशन खतरे में पड़ सकते थे। हालांकि, हेगसेथ को ये अधिकार है कि निगरानीकर्ता ने जिस चूक को पकड़ा, उसे वह ‘गैर-वर्गीकृत’ कर सकते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हेगसेथ ने एप के जरिये दुश्मन के इलाके में अमेरिकी लड़ाकू विमान की कार्रवाई से दो- चार घंटे पहले जगह और समय की गोपनीय जानकारी साझा कर दी। इसके चलते ऑपरेशनल सिक्योरिटी को खतरा पैदा हुआ, जिससे अमेरिकी मिशन का उद्देश्य खतरे में पड़ सकता था और अमेरिकी पायलटों को भी गंभीर नुकसान पहुंच सकता था।
हेगसेथ ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए इंटरनेट मीडिया पर लिखा: ”कोई गोपनीय जानकारी साझा नहीं की गई। मैं पूरी तरह से दोषमुक्त हूं। इसके साथ ही ये मामला बंद किया जाता है। हूथियों पर बमबारी की गई।”
उन्होंने आगे लिखा कि संदेश में न तो कोई स्थान या लक्ष्य का जक्रि था, न ही ऐसी कोई जानकारी थी, जिससे हमारे सैनिक या मिशन खतरे में पड़ता। हालांकि, उन्होंने एक न्यूज चैनल को इस मामले में इंटरव्यू देने से इनकार किया।




