रायपुर: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में जेल में बंद चैतन्य बघेल जेल से रिहा हो गए हैं। पूर्व सीएम भूपेश बघेल खुद चैतन्य बघेल को लेने के लिए सेंट्रल जेल पहुंचे। चैतन्य बघेल की रिहाई के साथ ही कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। शुक्रवार को जमानत मिलने के बाद चैतन्य बघेल शनिवार शाम को जेल से बाहर आए।
170 दिन बाद रिहाई
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद चैतन्य बघेल रायपुर सेंट्रल जेल से करीब 170 दिन बाद रिहा हुए। चैतन्य बघेल जेल से अपने घर के लिए जा रहे हैं हैं, लेकिन सड़क पर भीड़ से ट्रैफिक जाम हो गया है। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जश्न मनाते हुए निकल रहे हैं। चैतन्य बघेल की रिहाई की खबर सुनते ही कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की है।
बेटे के जन्मदिन पर मिली रिहाई
चैतन्य बघेल की रिहाई से पहले पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कहा कि 18 जुलाई को चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया गया था। उस दिन चैतन्य बघेल का जन्मदिन था। 3 जनवरी को चैतन्य बघेल की रिहाई हो रही है। उन्होंने कहा कि 3 जनवरी को मेरे पोते का जन्मदिन है। पोते के जन्मदिन पर उसकी रिहाई हो रही है।
बेटे को लेने खुद पहुंचे भूपेश बघेल
रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर भूपेश बघेल खुद गाड़ी चलाते हुए चैतन्य बघेल को रिसीव करने पहुंचे थे। इस दौरान समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। ईडी ने चैतन्य बघेल को शराब घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था, जबकि भ्रष्टाचार के मामले में सितंबर में ACB ने उन्हें तब गिरफ्तार किया जब वे पहले से ही जेल में थे।
200 से 250 करोड़ मिलने का दावा
ACB का दावा है कि शराब घोटाले में चैतन्य बघेल को करीब 200 से 250 करोड़ रुपए मिले हैं। उन्होंने इस पैसे का उपयोग अपने रियल स्टेट के कारोबार में किया है। वहीं, हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा था कि सत्य की जीत हुई है। सत्य परेशान हो सकता है। पराजित नहीं हो सकता।




