नई दिल्ली : भारत और श्रीलंका की मेजबानी में 7 फरवरी से टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज होगा। इससे पहले भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने टूर्नामेंट पर सवाल खड़े करके बखेड़ा खड़ा कर दिया है।
मांजरेकर का मानना है कि टी20 वर्ल्ड कप उस विरासत या भार को लेकर नहीं चल पाया, जैसे 50 ओवर वर्ल्ड कप की है। मांजरेकर लंबे समय से कहते हुए आए हैं कि सिर्फ एक असली क्रिकेट वर्ल्ड कप है।
मांजरेकर ने टी20 वर्ल्ड कप के हर दो साल में आयोजन को इसका प्रमुख कारण बताया है। उनका मानना है कि नियमितता के कारण टी20 वर्ल्ड कप का स्तर कम हुआ और यह पारंपरिक वर्ल्ड कप के उत्साह से अलग हो जाता है।
ऐसा माना जा रहा है कि दक्षिण अफ्रीका में 2027 वनडे वर्ल्ड कप आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है जबकि 2031 एडिशन की मेजबानी भारत-बांग्लादेश को मिली हुई है। मालूम हो कि टी20 इवेंट को पहले छह संस्करणों में वर्ल्ड टी20 के नाम से बुलाया जाता है। इसका आयोजन 2007 से 2016 तक हुआ। 2021 संस्करण से इस टूर्नामेंट का नाम बदलकर टी20 वर्ल्ड कप रखा गया। यह पांच साल के अंतराल के बाद यूएई में आयोजित हुआ था।




