नई दिल्ली : पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अब महिलाओं ने भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बलूच नागरिकों के दमनचक्र के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है। अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ 31 जनवरी से शुरू किए गए ऑपरेशन ‘हेरोफ फेज-2’ में 40 घंटे के अंदर 200 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। 17 को कब्जे में ले लिया गया है।
ये ऑपरेशन 12 जगहों पर चलाए गए। ऑपरेशन में दो विद्रोही बालाओं, 21 साल की हवा बलोच और 24 साल की आसिफा मेंगल, ने दर्जनों पाकिस्तानी सैनिकों के चीथड़े उड़ा दिए। हवा ने जहां सुरक्षाकर्मियों से मोर्चा लिया, वहीं आसिफा ने नोश्की स्थित आईएसआई के मुख्यालय पर वाहन बम के रूप में फिदायीन हमला किया। इसे बलूचिस्तान में दो दशकों का सबसे बड़ा हमला भी कहा जा रहा है।
वहीं पाकिस्तान सरकार ने दावा किया है कि बलूचिस्तान में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में 177 आतंकी मारे गए हैं। साथ ही, बीएलए ने यह भी स्वीकार किया कि उसके 18 लड़ाके मारे गए, जिनमें 11 फिदायीन शामिल थे। संगठन ने कुछ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को हिरासत में लेने और बाद में मानवीय आधार पर छोड़ने की भी बात कही।
जनवरी में आतंकी हमलों के मामले भी 28 प्रतिशत बढ़े हैं। जनवरी में 87 हमले हुए, जबकि दिसंबर 2025 में 68 हमले हुए थे। इनमें भी 38 आतंकी हमले खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए।
हवा बलोच के पिता भी थे बीएलए लड़ाकाबलूचिस्तान पोस्ट के अनुसार, 21 साल की हवा बलोच लेखिका थीं। उनके पिता भी बीएलए के लड़ाके थे, जिन्हें 2021 में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने मार दिया था। बीएलए ने बताया कि ये हवा बलोच का आखिरी संदेश था. जो उनके मरने से 12 घंटे पहले रिकॉर्ड किया गया था।
वीडियो में हवा कहती है, ‘बलूच भाई-बहनों, आज तुम्हारी एक बहन पंजाबी आर्मी के सामने खड़ी है। अब तुम लोगों को हिम्मत करके आगे आना चाहिए। हमारे पास और कोई रास्ता नहीं बचा है। पाकिस्तान डर की वजह से आगे नहीं आ रहा। पाकिस्तान हमारा सामना नहीं कर सकता।’
उनका जन्म दो अक्टूबर, 2002 को हुआ था और वह अपने 21वें जन्मदिन पर बीएलए की मजीद ब्रिगेड में शामिल हुई थी। बीएलए ने एक बयान में कहा है कि मेंगल ने जनवरी 2024 में फिदायीन बनने का फैसला किया था।




