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फाल्गुन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का साया, भारत में दिखाई देगा या नहीं?

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सनातन धर्म में फाल्गुन माह का विशेष महत्व है। इस माह में पूजा और दान जरूर करना चाहिए। वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन अमावस्या 17 फरवरी को मनाई जाएगी। इसी दिन साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse 2026) लगेगा। सूर्य ग्रहण के दौरान पूजा-अर्चना और खाना खाने की मनाही है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि सूर्य ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए, भारत में दिखाई देगा या नहीं और इसका सूतक काल का समय क्या रहेगा।

भारत में दिखाई देगा या नहीं सूर्य ग्रहण?
इस बार फाल्गुन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का साया रहेगा। अमावस्या के दिन पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनकी कृपा परिवार के सदस्यों पर बनी रहती है। फाल्गुन अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण रहेगा, लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और इसका सूतक भी मान्य नहीं रहने वाला है।

सूर्य ग्रहण 2026 डेट और टाइम 

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने जा रहा है। यह ग्रहण 17 फरवरी को शाम 05 बजकर 26 मिनट
पर शुरू होगा। वहीं, इसका समापन रात 07 बजकर 57 मिनट पर होगा। ज्योतिषियों के अनुसार, इस ग्रहण का असर सभी राशि के जातकों पर पड़ेगा।

सूर्य ग्रहण के दौरान क्या न करें और क्या न करें? 

  1. सनातन शास्त्रों के अनुसार, सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। सूर्य ग्रहण का अशुभ प्रभाव खाने की चीजों पर पड़ता है। इसलिए सूर्य ग्रहण से पहले खाने की चीजों में तुलसी के पत्ते डालने की सलाह दी जाती है।
  2. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
  3. साथ ही कैंची, चाकू और सुई का प्रयोग भूलकर नहीं नहीं करना चाहिए।
  4. सूर्य ग्रहण में पूजा और मांगलिक काम नहीं करना चाहिए।
  5. सूर्य ग्रहण के समापन के बाद स्नान करें। इसके बाद घर और मंदिर की सफाई करें।
  6. पूजा-अर्चना करें। साथ ही विशेष चीजों का दान करें।
  7. दिर में भी मूर्तियों को स्पर्श करने से बचना चाहिए।
  8. मन में मंत्रों का जप करें।
  9. सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक शुरू होता है।