वैदिक पंचांग के अनुसार, 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या है। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। इस शुभ अवसर पर गंगा स्नान कर भगवान शिव की पूजा, जप-तप और दान-पुण्य किया जाता है। साथ ही पितरों का तर्पण एवं पिंडदान किया जाता है। अमावस्या तिथि पर देवों के देव महादेव की पूजा करने से व्यक्ति को जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के दुख एवं संकटों से मुक्ति मिलती है।
ज्योतिषीय गणना अनुसार, फाल्गुन अमावस्या के दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण (First solar eclipse 2026) लगने वाला है। सूर्य ग्रहण के दौरान राहु का प्रभाव बढ़ जाता है। इसके लिए ग्रहण के दौरान शुभ काम नहीं किया जाता है। सूर्य ग्रहण के दौरान कई राशि के जातकों को सावधान रहने की जरूरत है। आइए, इन राशियों के बारे में जानते हैं-
कब है सूर्य ग्रहण
ज्योतिष गणना अनुसार, 17 फरवरी को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है। सूर्य ग्रहण के दौरान सूतक 12 घंटे पूर्व लगता है। हालांकि, भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इसके लिए सूतक मान्य नहीं होगा। इसके बावजूद ग्रहण के दौरान शास्त्र द्वारा निर्धारित नियमों का पालन अवश्य करें।
मेष राशि
फाल्गुन अमावस्या के दिन मेष राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इस राशि के जातकों पर सूर्य देव की विशेष कृपा बरसती है। वहीं, मायावी ग्रह राहु, सूर्य देव को अपना शत्रु मानते हैं। मेष राशि के जातक शुभ काम न करें। वाणी और क्रोध पर कंट्रोल रखें। किसी से विवाद न करें। बड़ों की सेवा और सम्मान करें। ग्रहण के दौरान नकारात्मक जगहों पर जाने से बचें। भगवान विष्णु का ध्यान करें और उनके नामों का जप करें।




