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कब है फाल्गुन पूर्णिमा? अभी नोट करें तिथि और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

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सनातन धर्म में फाल्गुन माह का विशेष महत्त्व है। इस माह में पवित्र नदी में स्नान और दान जरूर करना चाहिए। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस माह के आखिरी में फाल्गुन पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इसी तिथि पर हर साल होलिका दहन का त्योहार उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसके अगले दिन से चैत्र माह की शुरुआत होती है। ऐसे में आइए आपको बताते हैं फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में।

फाल्गुन पूर्णिमा 2026 डेट और शुभ मुहूर्त 
वैदिक पंचांग के अनुसार, फागुन माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 02 मार्च 2026 को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर होगी। वहीं, तिथि का समापन 03 मार्च को शाम 05 बजकर 07 मिनट पर होगा। ऐसे में फाल्गुन पूर्णिमा 03 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन होलिका दहन किया जाएगा। इस दिन स्नान-दान का मुहूर्त 05 बजकर 05 मिनट से 05 बजकर 55 मिनट तक है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

सूर्योदय का समय: सुबह 06 बजकर 44 मिनट
सूर्यास्त का समय: शाम 06 बजकर 22 मिनट
चंद्रोदय का समय: शाम 06 बजकर 21 मिनट
चंद्रास्त का समय: नहीं

ब्रह्म मुहूर्त- 05 बजकर 05 मिनट से 05 बजकर 55 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से 03 बजकर 16 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 20 मिनट से 06 बजकर 44 मिनट तक

फाल्गुन पूर्णिमा का धार्मिक महत्व धार्मिक मान्यता के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से साधक के जीवन में खुशियों का आगमन होता है। साथ ही धन लाभ के योग बनते हैं। इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने से सभी पाप दूर होते हैं। मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है। इस दिन चंद्र दोष से मुक्ति पाने के लिए चंद्र देव की पूजा करें और चंद्र देव को अर्घ्य दें। इस दौरान मंत्रों का जप करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्र देव की साधना करने से चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है।

इन बातों का रखें ध्यान

  1. फाल्गुन पूर्णिमा के दिन तामसिक भोजन के सेवन से बचें।
  2. इस दिन काले रंग के कपड़े धारण न करें।
  3. किसी से वाद-विवाद न करें।
  4. घर के बड़े-बुजुर्गों और महिलाओं का अपमान न करें।
  5. ब्रह्मचर्य के नियम का पालन करें।
  6. अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।