इस वर्ष होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण होने के कारण होली का पर्व बहुत ही विशेष और चर्चा का विषय बना हुआ है। जो कि 3 मार्च को है। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, लेकिन जब इस पावन अवसर पर ग्रहण और भद्रा जैसी स्थितियां बनती हैं, तो पूजा के नियमों में सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण और भद्रा दोनों ही समय शुभ कार्यों के लिए अच्छे नहीं माने जाते हैं। इसलिए, इस वर्ष होलिका दहन का पर्व मनाते समय सही समय और मुहूर्त का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है ताकि आपकी पूजा सफल हो।
होलिका दहन डेट 2026 डेट और शुभ मुहूर्त
होलिका दहन: मंगलवार, 3 मार्च 2026
होलिका दहन मुहूर्त: शाम 06:48 बजे से रात 08:50 बजे तक
भद्रा पुंछा: रात 01:25 बजे से 02:35 बजे तक (4 मार्च की सुबह)
भद्रा मुखा: रात 02:35 बजे से 04:30 बजे तक (4 मार्च की सुबह)
इस वर्ष भद्रा और चंद्र ग्रहण के संयोग के कारण भक्तों को मुहूर्त को लेकर बहुत सचेत रहना चाहिए। सही समय पर किया गया दहन न केवल नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करता है, बल्कि जीवन में खुशियों का मार्ग भी खोलता है।
सूतक काल (Chandra Grahan 2026 Sutak Time) को दूषित समय माना जाता है, इसलिए इस दौरान देव मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं और किसी भी मांगलिक कार्य या मूर्ति स्पर्श की मनाही होती है। क्योंकि ग्रहण का प्रभाव शाम 06:47 बजे तक रहेगा, इसलिए शुद्धता के नियमों का पालन करते हुए होलिका दहन की सभी धार्मिक रस्में इस समय के बाद ही पूर्ण की जानी चाहिए।




