नई दिल्ली : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू इलाके में हुए फिदायीन हमले के बाद पाकिस्तान ने रविवार को अफगान सीमा के भीतर सात आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए।
पाकिस्तान ने दावा किया कि इस कार्रवाई में 70 आतंकी मारे गए। वहीं, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने कड़ी आपत्ति जताते हुए उचित समय पर जरूरी और सधी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है। तालिबान विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के राजदूत को तलब किया। मंत्रालय ने एक्स पर बताया कि हमले में दर्जनों लोग मारे गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई में 70 आतंकी मारे गए हैं। अफगानिस्तान के निजी समाचार चैनल टोलो न्यूज के अनुसार पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने नांगरहार प्रांत के खोग्यानी और गनी खेल जिलों तथा पतिका प्रांत के बेरमल और अर्गुन जिलों में कई ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि अफगानिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी आतंकवादी गतिविधियों के लिए न होने दे।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन (आइएचआरएफ) के हवाले से दावा किया गया है कि रमजान के महीने में हुए इन हमलों में अफगानिस्तान के बेहसुद जिले में एक ही परिवार के 16 नागरिकों की मौत हुई है। मृतकों में एक वर्ष का बच्चा और 80 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल बताए गए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
गौरतलब है कि शनिवार को खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू में हुए आत्मघाती हमले में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक सिपाही की मौत हो गई थी। पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने दावा किया है कि हाल के हमलों के पुख्ता सुबूत मौजूद हैं।दोनों देशों के बीच सीमा पार आतंकी गतिविधियों को लेकर लंबे समय से अविश्वास बना हुआ है। पिछले वर्ष अक्टूबर में सीमा पर हुए सैन्य संघर्ष में 23 पाकिस्तानी सैनिकों और करीब 200 अफगान तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया था।




