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Bhagwan Vishnu Ki Arti: ॐ जय जगदीश हरे, परम एकादशी के दिन करें भगवान विष्णु की इस आरती का पाठ

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 परम एकादशी का व्रत 11 जून 2026 को रखा जाएगा। यह व्रत बेहद शुभ फलदायी माना जाता है क्योंकि ये व्रत 3 साल में एक बार केवल मलमास के दौरान आता है। इस दौरान आपको व्रत रखने के साथ ही भगवान विष्णु की नीचे दी गई आरती का पाठ भी करना चाहिए। आप चाहे सुबह पूजा करें या शाम को अंत में आरती का पाठ अवश्य करें। साथ ही द्वादशी तिथि में पारण के दौरान भी आपको आरती पढ़नी चाहिए। विष्णु भगवान की इस आरती का पाठ करने से आपको सेभी मनोरथ पूरे होते हैं।

भगवान विष्णु की आरती 

ॐ जय जगदीश हरे,

स्वामी जय जगदीश हरे ।
भक्त जनों के संकट,
दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे ॥
॥ ॐ जय….॥

जो ध्यावे फल पावे,
दुःख बिनसे मन का,
स्वामी दुःख बिनसे मन का ।
सुख सम्पति घर आवे,
सुख सम्पति घर आवे,
कष्ट मिटे तन का ॥
॥ ॐ जय….॥

मात पिता तुम मेरे,
शरण गहूं किसकी,
स्वामी शरण गहूं मैं किसकी ।
तुम बिन और न दूजा,
तुम बिन और न दूजा,
आस करूं मैं जिसकी ॥
॥ ॐ जय….॥

तुम पूरण परमात्मा,
तुम अन्तर्यामी,
स्वामी तुम अन्तर्यामी ।
पारब्रह्म परमेश्वर,
पारब्रह्म परमेश्वर,
तुम सब के स्वामी ॥
॥ ॐ जय….॥

तुम करुणा के सागर,
तुम पालनकर्ता,
स्वामी तुम पालनकर्ता ।
मैं मूरख फलकामी,
मैं सेवक तुम स्वामी,
कृपा करो भर्ता॥
॥ ॐ जय….॥

तुम हो एक अगोचर,
सबके प्राणपति,
स्वामी सबके प्राणपति ।
किस विधि मिलूं दयामय,
किस विधि मिलूं दयामय,
तुमको मैं कुमति ॥
॥ ॐ जय….॥

दीन-बन्धु दुःख-हर्ता,
ठाकुर तुम मेरे,
स्वामी रक्षक तुम मेरे ।
अपने हाथ उठाओ,
अपने शरण लगाओ,
द्वार पड़ा तेरे ॥
॥ ॐ जय….॥

विषय-विकार मिटाओ,
पाप हरो देवा,
स्वमी पाप(कष्ट) हरो देवा ।
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
सन्तन की सेवा ॥

ॐ जय जगदीश हरे,
स्वामी जय जगदीश हरे ।
भक्त जनों के संकट,
दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे ॥
॥ ॐ जय….॥