आरंग :क्षेत्र में मवेशी तस्करी के अवैध काले कारोबार के खिलाफ आरंग थाना पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर फिल्मी स्टाइल में घेराबंदी कर एक माजदा वाहन से तस्करी किए जा रहे 19 मवेशियों को मुक्त कराया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश और स्थानीय क्षेत्र के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
आधी रात को गुदगुदा के पास पुलिस की घेराबंदी
आरंग थाना प्रभारी हरीश साहू ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि एक बड़े वाहन में मवेशियों को अवैध रूप से ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने तत्काल हरकत में आते हुए ग्राम गुदगुदा के पास मुख्य मार्ग पर नाकेबंदी कर दी।
तभी सामने से आ रही संदिग्ध माजदा गाड़ी (वाहन क्रमांक: UP 83 CT 8790) को पुलिस ने रोकने का इशारा किया। पुलिस बल को सामने देखकर वाहन का चालक घबरा गया और गाड़ी छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया।
बिना चारा-पानी ठूंस-ठूंस कर भरे थे मवेशी
जब पुलिस टीम ने लावारिस हालत में छूटे माजदा वाहन की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया। तस्करों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए वाहन के भीतर 19 मवेशियों को बेहद अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंस कर भरा था। बेजुबान जानवरों के लिए न तो पैर हिलाने की जगह थी और न ही उनके लिए चारा-पानी की कोई व्यवस्था की गई थी। पुलिस ने तुरंत सभी 19 मवेशियों को वाहन से सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें राहत पहुंचाई।
उत्तर प्रदेश और ग्राम गुदगुदा का आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट में पेश
पुलिस ने अवैध परिवहन में प्रयुक्त माजदा वाहन को जब्त करते हुए आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना के दौरान पुलिस ने 11 जून 2026 को दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अशोक कुमार यादव (48 वर्ष) – निवासी: फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश,खम्मनलाल कुर्रे (41 वर्ष) – निवासी: ग्राम गुदगुदा, आरंग (स्थानीय मददगार) शामिल है। दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद आज माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
बड़े रैकेट का हो सकता है खुलासा
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस अब इस नेटवर्क की गहराई तक जाने में जुट गई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस तस्करी के पीछे किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ हो सकता है। फरार ड्राइवर और इस काले कारोबार में संलिप्त अन्य संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही बाकी आरोपी भी सलाखों के पीछे होंगे।



