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Health Tips: करेला, मेथी और नीम क्यों हैं सेहत के लिए फायदेमंद? जानिए डायबिटीज और हार्ट हेल्थ से कनेक्शन

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करेला ! इसे भला कौन खाता है” ? बचपन में मां के हाथ में करेले की भुजिया देखकर हममें से कितनों ने ये डायलॉग मारा है। लेकिन जब मां बड़े प्यार से समझाती थीं थोड़ा कड़वा खाओ, सेहत के लिए अच्छा है और असल में यही बात बड़ी दिलचस्प है। मीठा, नमकीन और चटपटा हमें तुरंत पसंद आता है लेकिन भारतीय खानपान ने कड़वे स्वाद को भी हमेशा सम्मान दिया है। क्योंकि कड़वाहट सिर्फ स्वाद नहीं मौसम के साथ शरीर का संतुलन साधने का पुराना हुनर है। मार्च-अप्रैल की गर्मी हो या मानसून नीम की कोपलें, करेला, कड़वी पत्तियां और जड़ी-बूटियां हमारी थाली में यूं ही नहीं आतीं। मौसम बदलता है तो शरीर की जरूरत भी बदलती है और उसी हिसाब से थाली का स्वाद भी। इसीलिए जगह-जगह तरीका अलग है लेकिन मकसद एक। अरुणाचल में बांस की कोपलें, उत्तराखंड में बिच्छुआ बूटी, मेघालय में कंटोला और उसकी पत्तियां, कोंकण में अनार के छिलकों वाली चटनी, दक्षिण भारत में नीम के फूल, तो गुजरात-राजस्थान में नीम की कोमल पत्तियों का इस्तेमाल।
यानी जिसे हम मुंह बनाकर छोड़ देते हैं वही स्वाद आज ग्लोबल वेलनेस इंडस्ट्री में ”बिटर फूड्स” के नाम से नया ट्रेंड बन रहा है। क्योंकि करेला, मेथी, नीम और दूसरे कड़वे फूड आइटम्स में मौजूद नेचुरल तत्व पाचन और मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करते हैं। आयुर्वेद में भी कड़वे यानी ”तिक्त रस” को अहम माना गया है। और सबसे जरूरी बात डायबिटीज के दौर में ये स्वाद और अहम हो जाता है। करेला और मेथी बैलेंस डाइट के साथ ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मददगार होते हैं। तो आज मीठे की आदत के बीच थोड़ा कड़वा भी अपनाइए। क्योंकि जिंदगी का फलसफा भी यही है हर कड़वी चीज नुकसान नहीं करती कुछ कड़वाहट सेहत में मिठास भी घोलती है।
डायबिटीज से हार्ट अटैक का क्या कनेक्शन
ग्लूकोज-इंसुलिन बढ़ने से हार्ट सेल्स को नुकसान
हार्ट अटैक का बढ़ता है खतरा।
डायबिटीज से खतरा
  • ब्रेन
  • आंख
  • हार्ट
  • लिवर
  • किडनी
  • ज्वाइंट्स
नॉर्मल शुगर लेवल     
खाने से पहले – 100 से कम
खाने के बाद – 140 से कम
प्री-डायबिटीज 
खाने से पहले – 100-125 mg/dl
खाने के बाद – 140-199 mg/dl
डायबिटीज 
खाने से पहले -125 से ज्यादा mg/dl
खाने के बाद -200 से ज्यादा mg/dl