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बसों का टाइमिंग घोटाला : 120 बसों के संचालकों को नोटिस, चेतावनी भी

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रायपुर : छत्तीसगढ़ में बसों का परमिट लेकर भी गाड़ी नहीं चलाने वाले और परमिट का नवीनीकरण नहीं कराने वाले 120 संचालकों को परिवहन विभाग ने नोटिस बस जारी किया है। कहा है कि वे परमिट का नवीनीकरण कराएं, नहीं तो उनके परमिट निरस्त कर दिए जाएंगे। ऊपरी तौर पर ये एक सामान्य मामला नजर आता है, लेकिन परिवहन विभाग के उच्च पदस्थ आधिकारिक सूत्रों की मानें, तो यह दरअसल बस संचालकों का टाइमिंग घोटाला है। वे अपनी गाड़ी में सवारी भरने के लिए अधिक समय लेने के लिए अपनी टाइमिंग के आगे के समय पर दो-तीन परमिट लेते हैं, लेकिन उस परमिट पर गाड़ी नहीं चलाते। इसी वजह से उनकी चलने वाली गाड़ी को अधिक समय मिल जाता है।

खाली रूटों पर नए बस संचालकों को मिलेगा मौका 
परिवहन प्राधिकरण ने कहा है कि जिन रूटों के परमिट रद्द होंगे, उन पर यात्री सुविधा बनाए रखने के लिए नए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इसके बाद इच्छुक बस संचालकों को नियमानुसार नए परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बाधित न हों।

ये है मामला
छत्तीसगढ़ में बस संचालन में करोड़ों का कारोबार करने वाले अब टाइमिंग घोटाला भी कर रहे हैं। दरअसल एक यात्री बस के बस स्टैंड से छूटने के लिए एक निर्धारित समय दिया जाता हैं। इसी समय पर गाड़ियां रवाना होतीं। एक के बाद दूसरी गाड़ी के लिए समय दिया जाता है, लेकिन कई बस संचालक अपनी गाड़ी के आगे के समय के 2-3 परमिट ले लेते हैं, लेकिन उस परमिट पर गाड़ी नहीं चलाते, इसकी वजह से उनकी गाड़ी में सवारी भरने के लिए अधिक समय मिल जाता है। यह फर्जीवाड़ा करने वाले अब परिवहन विभाग की नजर से बच नहीं सकते। इन्हें पकड़ने के लिए बसों में जीपीएस सिस्टम अनिवार्य किया गया है।

रिनीवनल नहीं तो परमिट होगा कैंसिल
छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नियमित करने के लिए क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) ने गैर-नवीनीकृत बस परमिटों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। आरटीए, नवा रायपुर ने ऐसे सभी बस संचालकों को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है, जिन्होंने निर्धारित समय सीमा के बावजूद अपने परमिट का नवीनीकरण नहीं कराया है। चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने या नवीनीकरण नहीं कराने की स्थिति में संबंधित परमिट रद्द कर दिए जाएंगे और उन रूटों के लिए नए आवेदन आमंत्रित कर अन्य इच्छुक बस संचालकों को परमिट जारी किए जाएंगे।

अब जीपीएस से रखी जाएगी नजर
परिवहन विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार बस संचालकों के इस टाइमिंग घोटाले पर नई तकनीक जीपीएस सिस्टम से शिकंजा कसा जाएगा। बताया गया है कि 2019 के बाद बनी सभी बसों में जीपीएस सिस्टम इनबिल्ट है। लेकिन बस वाले इसे बंद करके रखते हैं। लेकिन अब परिवहन विभाग ने जीपीएस सिस्टम को चालू रखना अनिवार्य कर दिया है। अब जीपीएस सिस्टम से ये भी देखा जाएगा कि किस बस को किस समय पर कहां से कहां तक जाने के लिए परमिट दिया गया है। उस परमिट के आधार पर वे बस का संचालन कर रहे हैं या नहीं। अगर ये साफ होता है कि परमिट लेने के बाद भी परमिट के आधार पर तय समय पर बस नहीं चल रही है, तो इस तरह की बसों के परमिट निरस्त किए जाएंगे।