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सोमवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा और बिल्व त्रिरात्रि का संयोग, जरूर करें ये आसान उपाय, दूर होगी हर बाधा

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सोमवार को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की स्नानदान व्रतादि की पूर्णिमा है। पूर्णिमा के दिन श्री विष्णु के स्वरूप भगवान सत्यनारायण की पूजा की जाती है। पूर्णिमा के दिन स्नान आदि के बाद परिवार सहित भगवान सत्य नारायण की कथा कही जाती है। साथ ही भगवान सत्यनारायण के निमित्त व्रत रखने का भी विधान है। साथ ही ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन देव स्नान पूर्णिमा भी है। इस दिन भगवान जगन्नाथ की जलयात्रा निकाली जायेगी।

ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन दाक्षिणात्यों का वट सावित्री व्रत है। आज के दिन विवाहित महिलाओं द्वारा अपने सौभाग्य के लिये और अपने पति की लंबी आयु के लिये वट यानि बरगद के पेड़ की उपासना करती है, साथ ही व्रत भी किया जाता है। इसके अलावा आज बिल्व त्रिरात्रि भी है। आज के दिन बिल्व पत्रों से उमा-महेश्वर, यानि भगवान शंकर की पूजा की जाती है। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं कि ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन किन विशेष उपायों को करना चाहिए।

– अगर आपकी शादीशुदा जिंदगी में किसी प्रकार की परेशानी चल रही है तो सोमवार के दिन आपको स्नान आदि के बाद बिल्ववृक्ष के पास जाना चाहिए और वहां जाकर वृक्ष के पास धूप जलानी चाहिए। इसके बाद उस धूप से निकलते धुएं को अपने दोनों हाथों से लेकर अपनी बंद आंखों पर धीरे-धीरे करके लगाएं और हाथों को कान के पीछे तक ले जायें। अब अपनी आंखों को खोल लें और बिल्व वृक्ष को प्रणाम करके घर वापिस आ जाएं।

– अगर आप अपनी जिंदगी को खुशियों से भरना चाहते हैं तो सोमवार के दिन स्नान आदि के बाद साफ कपड़े पहनें। इसके बाद एक लोटे में जल लेकर बिल्व वृक्ष, यानि बेल के पेड़ के पास जायें और उसकी जड़ में जल चढ़ाएं। साथ ही ‘ऊँ’ शब्द का उच्चारण करें।

– अगर लवमेट के साथ आपकी किसी बात को लेकर अनबन चल रही है तो सोमवार के दिन स्नान आदि के बाद एक पात्र में जौ के दाने लेकर, पात्र समेत बिल्व वृक्ष के नीचे रख आयें और दो मिनट वहीं बैठकर भगवान शिव का ध्यान करें।

– अगर आप हर प्रकार की परेशानियों से मुक्ति पाना चाहते हैं तो सोमवार के दिन आपको स्नान आदि के बाद बिल्व वृक्ष के पास जाकर मिट्टी के दीपक में घी और बाती डालकर ज्योत जलानी चाहिए। साथ ही बेल का फल लेकर शिवजी को अर्पित करना चाहिए।

 अगर आप जीवन में अथाह धन लक्ष्मी की प्राप्ति करना चाहते हैं तो सोमवार के दिन आपको खीर और घी के साथ बिल्व वृक्ष, यानि बेल के पेड़ की समिधाओं से हवन करना चाहिए। बिल्व वृक्ष की समिधाएं आपको किसी भी पंसारी की दुकान से आसानी से मिल जायेगी।

– अगर आप अपनी संतान की जीवन में तरक्की देखना चाहते हैं तो सोमवार के दिन स्नान आदि के बाद एक मुट्ठी गेहूं के दाने लीजिये और उन्हें अपनी संतान के हाथों से स्पर्श कराइए। अब बेल के पेड़ के पास जाकर उन गेहूं के दानों को वहीं जमीन में दबा दें।

– अगर आप अपने शत्रुओं की नित नई चालों से परेशान हैं तो उनसे बचने के लिए सोमवार के दिन आपको शिव मंदिर में दूध का पैकेट दान करना चाहिए। साथ ही माता पार्वती और भगवान शिव का आशीर्वाद लेना चाहिए।

– अगर आप अपनी कोई इच्छा पूरी करना चाहते हैं तो सोमवार के दिन आपको स्नान आदि के बाद बिल्व पत्रों से उमा-महेश्वर की विधि-पूर्वक पूजा करनी चाहिए। साथ ही मंत्र का जप करना चाहिए। मंत्र है-
‘ऊँ नमः शिवाय।’

– अगर आप अपने परिवार की समृद्धि बनाये रखना चाहते हैं तो उसके लिए सोमवार के दिन आपको एक मिट्टी के पात्र में चावल लेने चाहिए और बेल के पेड़ के पास जाकर, पेड़ को प्रणाम करके पात्र सहित चावल वहां रखकर आने चाहिए।

– अगर आपके और आपके जीवनसाथी के बीच अनबन इतनी बढ़ गई है कि बात अब कोर्ट-कचहरी तक जा पहुंची है और आप उससे बाहर नहीं निकल पा रहे हैं तो उससे बाहर निकलने के लिए सोमवार के दिन आपको बेल पत्रों से होम करना चाहिए। आप चाहें तो ये होम किसी ब्राह्मण से करवा सकते हैं या फिर स्वयं भी घर पर होम कर सकते हैं।

– अगर आप अपने कार्यों में सफलता पाना चाहते हैं तो सोमवार के दिन आपको स्नान आदि के बाद एक लोटे में जल लेना चाहिए और उसमें कुछ बेल पत्र डालने चाहिए। अब शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर वो जल अर्पित करना चाहिए।

– अगर आप अपने लवमेट के साथ अपने प्यार के रिश्ते को शादी में बदलना चाहते हैं तो इस शुभ काम के लिए सोमवार के दिन आपको 21 बेल पत्र लेकर उन्हें सफेद मोटे धागे में पिरोकर उनकी एक माला बनानी चाहिए और भगवान शंकर को वो माला अर्पित करनी चाहिए।