Home छत्तीसगढ़ सुकमा कलेक्टर का सख्त संदेश: जनहित के कामों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

सुकमा कलेक्टर का सख्त संदेश: जनहित के कामों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

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सुकमा :जिला प्रशासन सुकमा क्षेत्र के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे की मजबूती और जन कल्याणकारी योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में कलेक्टर अमित कुमार ने जिला पंचायत सभाकक्ष में मंगलवार को समय-सीमा की एक उच्च स्तरीय बैठक लेकर विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं विभागीय कार्यों की सघन समीक्षा की। प्रशासन का मुख्य फोकस इस समय मैदानी स्तर पर योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचाना है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बच्चों का भविष्य सर्वोपरि
बैठक में शिक्षा के स्तर को सुधारने और नौनिहालों के भविष्य को सुरक्षित करने पर विशेष बल दिया गया। कलेक्टर ने स्कूलों में नव प्रवेशी एवं कक्षा पहली के बच्चों के जाति, निवास और आमदनी प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया को तत्काल तेज करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना’ के अंतर्गत पोर्टाकेबिन, कस्तूरबा गांधी और पीएम श्री विद्यालयों में पठन-पाठन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। शाला त्यागी बच्चों के डेटा में गड़बड़ी पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, आगामी सत्र को देखते हुए 1 तारीख से साइंस पार्क को पुनः खोलने और ‘बैगलेस डे’ के तहत ‘मायद नोनी’ सिविक सेंस मॉड्यूल को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य सेवाएं और पोषण प्रबंधन को मिलेगी नई गति
ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए जिला प्रशासन ने बेहद ठोस कदम उठाए हैं। कलेक्टर ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता और मेडिकल स्टाफ की मुख्यालय में नियमित उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। इसके अलावा, आयुष्मान कार्ड की कार्यप्रगति, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती और निर्माणाधीन आंगनवाड़ी aur स्कूल भवनों को जल्द पूरा करने की समीक्षा की गई। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, संस्थागत प्रसव और कुपोषण नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय (स्कूल-आंगनवाड़ी लिंकेज) के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सुकमा को कुपोषण मुक्त बनाया जा सके।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से स्व-सहायता समूहों को आगामी त्योहारों के मद्देनजर सामग्री उत्पादन और विक्रय के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके साथ ही ‘आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस’ और ‘पंचायत कैफे’ की कार्यप्रगति की भी समीक्षा की गई। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कोंटा में चल रहे विकास कार्यों, जल संसाधन विभाग के प्रोजेक्ट्स, सामुदायिक शौचालयों के निर्माण और साप्ताहिक जियो-टैगिंग के कार्य में तेजी लाने को कहा गया है। किसानों की सहूलियत के लिए धान उठाव, खाद-बीज भंडारण और पीएम स्वनिधि योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

प्रशासनिक पारदर्शिता, स्वच्छता और छात्र कल्याण पर फोकस
प्रशासन पारदर्शिता और त्वरित कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के लिए राशन कार्ड के ई-केवाईसी का कार्य 15 जुलाई तक पूर्ण करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही बैंक खातों के सत्यापन और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी जन-हितैषी योजनाओं के लाभार्थियों के डेटा का मिलान किया जा रहा है। छात्रों के कल्याण को देखते हुए हॉस्टलों में नियमित साफ-सफाई और मच्छरों से बचाव के लिए अनिवार्य रूप से मच्छरदानी वितरण के निर्देश दिए गए हैं। पेयजल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पीएचई विभाग को पानी की नियमित जांच और एसी ट्राइबल को सभी पानी टंकियों की समय पर सफाई कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी, सेंट्रल लाइब्रेरी, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और हड़मा स्टेडियम के निर्माण कार्यों की समीक्षा कर जिले को खेल और शिक्षा का नया हब बनाने का संकल्प दोहराया गया। इस अवसर पर जिला सीईओ मुकुंद ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर शबाब खान सहित सभी जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।