नई दिल्ली : कारगिल विजय दिवस के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल पहुंचकर 1999 के युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि भारत अब आतंकवाद और आतंकवाद को समर्थन देने वाली सरकारों को अलग-अलग नजरिए से नहीं देखेगा। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वाली किसी भी नापाक हरकत का करारा जवाब दिया जाएगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि कारगिल युद्ध भारत के लिए सिर्फ सैन्य और कूटनीतिक जीत नहीं थी, बल्कि वह ऐसा क्षण था जब पूरी दुनिया ने भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस और वीरता को देखा। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय जवानों ने ऐसा इतिहास रचा, जो हर भारतीय के लिए गर्व की बात है।
‘पाकिस्तान से बातचीत होगी तो सिर्फ PoK पर’
रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को लेकर कहा कि भारत का इरादा बिल्कुल स्पष्ट है। पाकिस्तान के साथ बातचीत नहीं होगी और अगर बातचीत होगी तो केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) पर होगी, जिसे भारत अपना अभिन्न हिस्सा मानता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति का हिस्सा बना लिया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने स्पष्ट कर दिया कि आतंकवादियों और उन्हें समर्थन देने वाली सरकारों को अलग-अलग नजरिए से नहीं देखा जाएगा।
‘भारत की हर नापाक हरकत का जवाब देने की क्षमता रखता है’
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत में पाकिस्तान की हर नापाक हरकत का उससे कहीं ज्यादा कड़ा जवाब देने की क्षमता है, जितना पाकिस्तान सोच भी नहीं सकता। उन्होंने कहा कि भारत की संप्रभुता को खतरे में डालने वाली हर हरकत का यही अंजाम होगा।
रक्षा मंत्री ने कारगिल वॉर मेमोरियल का जिक्र करते हुए कहा कि इस युद्ध स्मारक में पूरा भारत दिखाई देता है। देश के अलग-अलग राज्यों और विभिन्न धर्मों से जुड़े वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि यह एकता उन लोगों के सपनों का जवाब है, जो भारत को बांटने की कोशिश करते हैं।
कैप्टन विक्रम बत्रा के ‘ये दिल मांगे मोर’ का किया जिक्र
राजनाथ सिंह ने कारगिल युद्ध के वीर योद्धा कैप्टन विक्रम बत्रा का जिक्र करते हुए उनके प्रसिद्ध कथन ‘ये दिल मांगे मोर’ को याद किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों का स्वभाव ही ऐसा है कि वे कभी रुकने वाले नहीं हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्वदेशी रक्षा उपकरणों, मिसाइलों, हेलीकॉप्टरों, तेजस लड़ाकू विमान, अर्जुन टैंक, ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम समेत विभिन्न रक्षा तकनीकों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत भविष्य में और भी अत्याधुनिक हथियार, अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान, पनडुब्बियां और मिसाइलें विकसित करने की दिशा में काम करता रहेगा।
पीएम मोदी ने भी वीर जवानों को किया नमन
कारगिल विजय दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा के लिए बहादुर सैनिकों का असाधारण साहस और समर्पण हमेशा राष्ट्रीय गौरव का स्रोत रहेगा। उन्होंने जवानों की अटूट देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
अमित शाह ने ‘ऑपरेशन विजय’ को किया याद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कारगिल विजय दिवस को भारतीय सेना के अदम्य शौर्य और पराक्रम का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 1999 में बेहद कठिन परिस्थितियों और दुश्मन के ऊंचाई वाले मोर्चों के बावजूद भारतीय जवानों ने ऑपरेशन विजय के जरिए दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
खरगे और राहुल गांधी ने भी शहीदों को दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कारगिल विजय दिवस पर वीर सैनिकों, उनके परिवारों और देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी कारगिल विजय दिवस पर देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश उनके साहस, शौर्य और बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
कारगिल विजय दिवस क्यों है खास?
बता दें कि वर्ष 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए दुर्गम पहाड़ियों पर कब्जा जमाए पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों को खदेड़ दिया था। इसी ऐतिहासिक जीत की याद में हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।



