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छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम का मिजाज, अगले 2 दिन बढ़ेगी बारिश; कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा का अलर्ट

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रायपुर : छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। गुरुवार को राजधानी रायपुर में दोपहर करीब 3 बजे के बाद अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश होने से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मौसमी वर्षा सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम है। हालांकि, आने वाले दो दिनों के दौरान दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश के वितरण और तीव्रता में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश भी हो सकती है।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में 11 सितंबर को आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहने की संभावना है। शहर के कुछ हिस्सों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक रायपुर में आज अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

इन इलाकों में हुई बारिश

गुरुवार को प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पखांजूर में सर्वाधिक 5 सेंटीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा सोनहत और मालखरौदा में 4-4 सेंटीमीटर, जबकि बिहारपुर और सूरजपुर में 3-3 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

रघुनाथनगर, चांदो, बास्तानार, प्रेमनगर, बलरामपुर, बकावंड और दौरा कोचली में 2-2 सेंटीमीटर बारिश हुई। राजधानी रायपुर में भी करीब 1 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

दुर्ग में सबसे अधिक तापमान

प्रदेश में गुरुवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया। वहीं दुर्ग में ही सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट

मौसम विभाग ने शुक्रवार सुबह प्रदेश के कई जिलों के लिए बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी जारी की है। सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी और गरियाबंद में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों में दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।