सिरदर्द एक आम समस्या है और ज्यादातर मामलों में पर्याप्त आराम, नींद और दिनचर्या में सुधार से इसमें राहत मिल सकती है। लेकिन हर सिरदर्द को थकान या तनाव की वजह मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। कुछ परिस्थितियों में सिरदर्द किसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत भी हो सकता है।
मेट्रो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरोलॉजी एवं जेएमडी डॉ. सोनिया लाल गुप्ता के मुताबिक, सिरदर्द के साथ दिखाई देने वाले कुछ खास लक्षणों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। ऐसे संकेत नजर आने पर घर पर दर्द की दवा लेकर इंतजार करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
अचानक और बेहद तेज सिरदर्द हो तो रहें सतर्क
अगर सिरदर्द अचानक शुरू हो और दर्द बहुत ज्यादा हो, खासकर ऐसा दर्द जिसे व्यक्ति ने पहले कभी महसूस न किया हो, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। अचानक और अत्यधिक तेज सिरदर्द कुछ मामलों में मस्तिष्क में रक्तस्राव जैसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है।
ऐसे में दर्द अपने आप ठीक होने का इंतजार करने के बजाय तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी है।
बार-बार बढ़ रहा है सिरदर्द तो कराएं जांच
अगर सिरदर्द पहले की तुलना में अधिक बार होने लगा है, लगातार इसकी तीव्रता बढ़ रही है या दर्द का पैटर्न बदल गया है तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
खास तौर पर ऐसा सिरदर्द जो सुबह उठने के बाद अधिक महसूस हो, खांसने या जोर लगाने पर बढ़ जाए या लगातार कई दिनों तक बना रहे, उसकी चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है। कुछ मामलों में ऐसे लक्षण मस्तिष्क के भीतर बढ़े हुए दबाव से जुड़े हो सकते हैं।
सिरदर्द के साथ ये लक्षण दिखें तो तुरंत लें मदद
सिरदर्द के साथ अगर शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, बोलने में परेशानी, चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा होना, चलने या संतुलन बनाने में दिक्कत, अचानक नजर धुंधली होना, बेहोशी या भ्रम जैसी समस्या हो तो इसे मेडिकल इमरजेंसी माना जाना चाहिए।
ये लक्षण स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति में दिखाई दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में समय पर उपचार मिलना बेहद महत्वपूर्ण है।
बुखार और गर्दन में अकड़न के साथ सिरदर्द
तेज सिरदर्द के साथ अगर बुखार, उल्टी, गर्दन में अकड़न, रोशनी देखने में परेशानी या बेहोशी जैसे लक्षण भी मौजूद हों तो इसे सामान्य सिरदर्द समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कुछ मामलों में इस तरह के लक्षण मस्तिष्क या उसकी झिल्लियों में संक्रमण जैसी गंभीर बीमारी से जुड़े हो सकते हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
सिर पर चोट के बाद सिरदर्द भी चेतावनी
अगर सिर पर चोट लगने के बाद तेज या लगातार सिरदर्द शुरू हुआ है, तो इसे भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासकर बेहोशी, उल्टी, भ्रम, दौरा या शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सा सहायता लें।
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
इन परिस्थितियों में सिरदर्द को सामान्य मानकर इंतजार न करें—
– अचानक शुरू हुआ बेहद तेज सिरदर्द
– सिरदर्द के साथ बोलने या देखने में परेशानी
– हाथ-पैर में कमजोरी या सुन्नपन
– चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा होना
– चलने या संतुलन बनाने में परेशानी
– बेहोशी या दौरा
– तेज बुखार और गर्दन में अकड़न
– सिर पर चोट के बाद तेज सिरदर्द
– लगातार बढ़ता या बार-बार लौटने वाला सिरदर्द
सामान्य सिरदर्द अक्सर आराम और जीवनशैली में बदलाव से ठीक हो सकता है, लेकिन दर्द का अचानक शुरू होना, लगातार बढ़ना, बार-बार लौटना या न्यूरोलॉजिकल लक्षणों के साथ होना चेतावनी का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर से समय पर संपर्क करना जरूरी है।



