रायपुर : जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) रायपुर ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर बुधवार को शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय परिसर से शुरू हुआ यह मार्च कैजुअल्टी तक पहुंचा। इस दौरान चिकित्सकों और विद्यार्थियों ने अनुशासन एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई।
JDA रायपुर के अनुसार, कैंडल मार्च का उद्देश्य शासन एवं संबंधित विभागों का ध्यान चिकित्सकों की लंबे समय से लंबित मांगों की ओर आकर्षित करना और शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक माध्यम से उनके समाधान की दिशा में पहल करना है।
स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग
JDA ने MBBS इंटर्न, बॉण्डेड मेडिकल ऑफिसर, PG रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट के स्टाइपेंड में उचित वृद्धि की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि इन वर्गों के स्टाइपेंड को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप बढ़ाया जाना चाहिए।
सेवा बॉण्ड की अवधि 2 से घटाकर 1 वर्ष करने की मांग
जूनियर डॉक्टरों की दूसरी प्रमुख मांग UG और PG सेवा बॉण्ड से जुड़ी है। JDA ने सेवा बॉण्ड की अवधि को वर्तमान 2 वर्ष से घटाकर 1 वर्ष करने की मांग रखी है। साथ ही एसोसिएशन चाहता है कि यह व्यवस्था वर्तमान एवं मौजूदा बैचों पर भी लागू की जाए।
Super-Speciality Cadre बनाने की मांग
तीसरी प्रमुख मांग राज्य में Super-Speciality Cadre के गठन की है। JDA के मुताबिक, इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए स्पष्ट कैडर व्यवस्था तैयार हो सकेगी और उनके लिए दीर्घकालिक सेवा व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी।
शांतिपूर्ण तरीके से रखी मांगें
कैंडल मार्च के दौरान चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की। JDA रायपुर ने शासन से तीनों मांगों पर सकारात्मक और समयबद्ध निर्णय लेने का आग्रह किया है।



