रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती गड़बड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। ED ने मंगलवार को रायपुर की विशेष PMLA अदालत में मामले से जुड़ी 99 पन्नों की Prosecution Complaint दाखिल की। इसके साथ करीब 3,700 पन्नों के दस्तावेज भी अदालत के समक्ष पेश किए गए हैं।
ED की शिकायत में पूर्व CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी समेत कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें कारोबारी श्रवण गोयल, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर, उत्कर्ष चंद्राकर, विकास चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और तत्कालीन OSD चेतन बोरघरिया के नाम शामिल हैं।
99 पन्नों की शिकायत, 3700 पन्नों के दस्तावेज
ED ने विशेष PMLA कोर्ट में दाखिल शिकायत के साथ जांच से संबंधित दस्तावेजों का बड़ा संकलन पेश किया है। एजेंसी के अनुसार, जांच में कथित वित्तीय लेन-देन, परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं, प्रश्नपत्र लीक और चयन प्रक्रिया को प्रभावित किए जाने से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की गई है।
यह मामले में ED की पहली Prosecution Complaint है। अब अदालत शिकायत और दस्तावेजों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर सुनवाई करेगी।
टामन सोनवानी समेत 7 नाम
ED की Prosecution Complaint में नामित सात लोगों में पूर्व CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, कारोबारी श्रवण गोयल, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर, उत्कर्ष चंद्राकर, विकास चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और चेतन बोरघरिया शामिल हैं।
ED ने आरोप लगाया है कि CGPSC की वर्ष 2020 और 2021 की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और चयन प्रक्रिया में कथित हेरफेर के जरिए कुछ उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाया गया। एजेंसी ने इन आरोपों को मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जोड़ा है।
क्या है CGPSC गड़बड़ी मामला?
यह मामला CGPSC की वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और चयन प्रक्रिया में हेरफेर से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के आरोपों के मुताबिक, डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी एसपी समेत वरिष्ठ सरकारी पदों के लिए चयन प्रक्रिया को कथित तौर पर प्रभावित किया गया।
ED की जांच की शुरुआत छत्तीसगढ़ EOW द्वारा दर्ज FIR, इसके बाद CBI की कार्रवाई और मामले में दाखिल अभियोजन दस्तावेजों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग पहलुओं के आधार पर हुई।
CBI के बाद ED ने संभाली मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
CGPSC मामले में पहले EOW और बाद में CBI ने जांच की थी। CBI ने भी टामन सिंह सोनवानी समेत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद मामले में कथित अवैध धन और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच ED ने शुरू की।
ED के अनुसार, जांच में कथित तौर पर परीक्षा प्रक्रिया में हेरफेर और उम्मीदवारों से संबंधित वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की गई।
अब अदालत में आगे बढ़ेगा मामला
ED की Prosecution Complaint दाखिल होने के बाद अब मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अदालत शिकायत में लगाए गए आरोपों, दस्तावेजों और संबंधित साक्ष्यों पर विचार करेगी।



