तखतपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र में धान की फसल की रखवाली करने खेत पहुंचे किसान की करंट की चपेट में आने से मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। तखतपुर पुलिस ने खेत मालिक बड़े गुड्डू उर्फ दिलहरन सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद से आरोपी फरार बताया जा रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
खेत में करंट की चपेट में आया किसान
मामला तखतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चना डोंगरी का है। जानकारी के मुताबिक किसान गंगाराम कोल धान की फसल की रखवाली करने के लिए खेत गया था। इसी दौरान खेत में लगाए गए विद्युत तार की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
फसल बचाने के लिए लगाए गए थे विद्युत तार
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार खेत में धान की फसल को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए विद्युत तार लगाए गए थे। पुलिस के मुताबिक, खेत में अवैध रूप से बिजली कनेक्शन लेकर तारों में करंट प्रवाहित किए जाने की बात सामने आई है। इसी करंट की चपेट में आने से किसान की मौत हुई।
घटना के बाद खेतों में फसल सुरक्षा के लिए इस तरह विद्युत करंट का इस्तेमाल किए जाने को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल भी उठ रहे हैं।
परिवार का इकलौता कमाने वाला था गंगाराम
बताया गया कि गंगाराम कोल अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत के बाद पत्नी और तीन छोटे बच्चों के सामने परिवार के भरण-पोषण की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
अचानक हुई किसान की मौत से परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है।
घटना के बाद फरार था खेत मालिक
घटना के बाद खेत मालिक बड़े गुड्डू उर्फ दिलहरन सूर्यवंशी फरार हो गया था। तखतपुर पुलिस ने मामले की जांच और तलाश के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस और विद्युत अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
खेतों में करंट के इस्तेमाल पर उठे सवाल
इस घटना ने फसल को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए खेतों में लगाए जाने वाले विद्युत तारों और अवैध विद्युत कनेक्शन के खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है।
खेतों में खुले या करंट प्रवाहित तार इंसानों के साथ-साथ मवेशियों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। ऐसे में अवैध विद्युत कनेक्शन और असुरक्षित विद्युत तारों की निगरानी को लेकर संबंधित विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।



