नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 8 अक्टूबर को नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित India Mobile Congress 2026 के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया। 7 से 10 अक्टूबर तक चल रहे इस वैश्विक टेक्नोलॉजी कार्यक्रम में टेलीकॉम और आईटी क्षेत्र से जुड़े देश-दुनिया के प्रमुख प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
इस साल IMC में 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और साइबर सुरक्षा जैसी भविष्य की तकनीकों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
नाना पाटेकर को PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने नाना पाटेकर को प्रतिभाशाली कलाकार बताते हुए कहा कि उनके निधन से हिंदी और मराठी सिनेमा को बड़ा नुकसान हुआ है।
हर जिले तक पहुंचा 5G, अब 6G पर काम
प्रधानमंत्री ने भारत की डिजिटल प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में India Mobile Congress के मंच से ही देश में 5G सेवा की शुरुआत हुई थी। इसके बाद पिछले चार वर्षों में देश के हर जिले तक 5G नेटवर्क पहुंच चुका है।
उन्होंने बताया कि भारत में अब 5.5 लाख से अधिक 5G बेस स्टेशन हैं और देश 6G तकनीक की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
PM मोदी ने कोरोना महामारी के दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक ने उस मुश्किल समय में लोगों को एक-दूसरे से जुड़े रहने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डिजिटल माध्यमों के जरिए सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता का लाभ भी लोगों तक पहुंचा।
गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन में बढ़ रहे अवसर
प्रधानमंत्री ने भारत में तेजी से बढ़ रहे गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स क्षेत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय युवा गेमिंग क्रिएटर और ई-स्पोर्ट्स से जुड़े पेशेवरों के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं।
सस्ते डेटा और बेहतर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर ने गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन और ऑडियो-विजुअल क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ कंटेंट क्रिएशन का क्षेत्र भी तेजी से बढ़ा है।
साइबर फ्रॉड रोकने के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क की जरूरत
डिजिटल विस्तार के साथ बढ़ती साइबर सुरक्षा चुनौतियों पर भी PM मोदी ने चिंता जताई। उन्होंने लोगों से फोन पर आने वाले कॉल और संदेशों के साथ-साथ डिजिटल पेमेंट को लेकर सतर्क रहने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर फ्रॉड से लोगों को बचाने के लिए वैश्विक स्तर पर एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार करने की जरूरत है। इसके लिए GSMA, दुनिया के टेलीकॉम ऑपरेटर्स और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया गया।
उनके मुताबिक, ऐसा वैश्विक ढांचा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सुरक्षा को और मजबूत करने में मदद कर सकता है।
टेलीकॉम सेक्टर में सुधारों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में टेलीकॉम सेक्टर में हुए नीतिगत बदलावों और सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने गतिशक्ति संचार पोर्टल और AGR से जुड़े मामलों के समाधान सहित कई पहलों की चर्चा की।
इसके साथ ही उन्होंने सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को लेकर भारत की बदलती प्राथमिकताओं का जिक्र किया। PM मोदी ने कहा कि भारत अब सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो देश की विकास यात्रा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
IMC को ग्लोबल टेक जंक्शन बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि India Mobile Congress को ऐसा वैश्विक मंच बनाया जाना चाहिए, जहां रिसर्च, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े लोग एक साथ आएं। उन्होंने IMC को इनोवेटर्स, इंडस्ट्री और अन्य स्टेकहोल्डर्स के बीच सहयोग का मजबूत केंद्र बनाने पर जोर दिया।



