रायगढ़ : जिला खनिज न्यास (DMF) के तहत कराए जा रहे निर्माण कार्यों में लापरवाही और गुणवत्ता में कमी को लेकर रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे होने चाहिए और निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। धरमजयगढ़ क्षेत्र में DMF के कार्यों में लापरवाही की जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में 12 अक्टूबर को आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों की योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को DMF के कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता में कमी या अनियमितता सामने आने पर तत्काल जानकारी देने को कहा।
डिजिटल क्रॉप सर्वे और एग्रीस्टैक में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) और एग्रीस्टैक की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काम के दौरान आने वाली समस्याओं और आवश्यक सुझावों की जानकारी समय पर दी जाए, ताकि संबंधित मुद्दों को शासन स्तर पर भेजकर उनका निराकरण कराया जा सके।
अधूरे प्रधानमंत्री आवास जल्द पूरे कराने पर जोर
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे हितग्राहियों के मामलों में नियमानुसार राशि वसूली की कार्रवाई करने को भी कहा, जो आवास बनाने के इच्छुक नहीं हैं, जबकि उनके खातों में निर्माण के लिए राशि जारी की जा चुकी है।
पहाड़ी कोरवा परिवारों को योजनाओं से जोड़ने की पहल
जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए किए जा रहे सर्वे की जानकारी भी ली गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सर्वे के आधार पर योजनाओं से वंचित परिवारों की पहचान की जाए और उनकी जरूरतों का आकलन कर संबंधित विभागों के समन्वय से पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ा जाए।
एयरपोर्ट, रिंग रोड और आंगनबाड़ी भवनों की समीक्षा
कलेक्टर ने जिले में एयरपोर्ट और रिंग रोड निर्माण सहित महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधूरे कार्य जल्द पूरे कराने को कहा।
इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों और बिलों के भुगतान की स्थिति पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के अंतर्गत आने वाले प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश
समय-सीमा की बैठक में ऑरेंज एरिया सर्वे, आदर्श ग्राम योजना, पशुओं के बधियाकरण, श्रम विभाग की योजनाओं के तहत पंजीयन, स्कूलों में बायोमेट्रिक अद्यतन, मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन, ई-रिक्शा चालक प्रशिक्षण और धान विक्रय के लिए किसानों के पंजीयन सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए अधिकारी स्वयं क्षेत्र का दौरा करें, कार्यों का निरीक्षण करें और नियमित निगरानी बनाए रखें। उन्होंने विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उनका प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण करने पर जोर दिया।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के., नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो, डॉ. प्रियका वर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



