बेमेतरा : जिले में आम लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए सोमवार को कलेक्टोरेट परिसर में जनदर्शन आयोजित किया गया। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिले के अलग-अलग विकासखंडों और गांवों से पहुंचे नागरिकों की शिकायतें एवं मांगें सुनीं। जनदर्शन में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 40 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार त्वरित और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन के दौरान लोगों ने व्यक्तिगत समस्याओं के साथ सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए। कलेक्टर ने आवेदनों का अवलोकन कर संबंधित विभागों के अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली। कुछ मामलों में उन्होंने दूरभाष के माध्यम से अधिकारियों से चर्चा की, जबकि अन्य प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को तत्काल उपस्थित होकर समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। प्रशासन के अनुसार, सरल और तत्काल निराकरण योग्य कुछ मामलों का समाधान मौके पर ही किया गया।
आवास, पेंशन और जमीन से जुड़ी शिकायतें प्रमुख
जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, वृद्धावस्था एवं निराश्रित पेंशन, दिव्यांगजनों को सहायता उपलब्ध कराने और भूमि संबंधी विवादों से जुड़े आवेदन सामने आए। इसके अलावा जमीन के सीमांकन, नामांतरण, कटा हुआ रकबा जोड़ने, आम रास्ता खुलवाने और खाद गड्ढा हटाने जैसी समस्याएं भी रखी गईं।
नागरिकों ने पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित शिकायतें भी प्रस्तुत कीं। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन की गंभीरता से जांच की जाए और पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए।
40 आवेदनों पर विभागवार कार्रवाई के निर्देश
जनदर्शन में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, खाद्य, विद्युत, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। जिन मामलों में विस्तृत जांच या विभागीय प्रक्रिया की आवश्यकता है, उन्हें समय-सीमा (टीएल) में दर्ज कर निर्धारित अवधि के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि आवेदनों को लंबित रखने के बजाय उनकी नियमित समीक्षा की जाए। शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि कार्रवाई का परिणाम भी सुनिश्चित किया जाए।
जनदर्शन जनता और प्रशासन के बीच संवाद का माध्यम
कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि जनदर्शन आम नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं का यथासंभव शीघ्र समाधान करना और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों की नियमित निगरानी करने तथा तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



