रायपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, अपने ज्ञान और कौशल को लगातार विकसित करने तथा व्यक्तिगत सफलता को समाज और राष्ट्र की सेवा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के ईमानदार प्रयास जब सामूहिक और राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ेंगे, तभी देश की प्रगति को नई गति मिलेगी।
राष्ट्रपति गुरुवार को रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे।
‘ज्ञान के साथ विनम्रता, सफलता के साथ सेवा-भाव जरूरी’
राष्ट्रपति मुर्मु ने युवाओं को निरंतर सीखने और चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता और असफलता दोनों आती हैं। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से कहा कि ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव को भी महत्व दें। उनकी प्रतिभा किसी समस्या का समाधान करे और उनका ज्ञान जरूरतमंदों के काम आए, तभी उपलब्धियों का वास्तविक महत्व है।
राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल बड़े फैसलों से नहीं होता, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयास भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। युवाओं को प्रत्येक कार्य निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करना चाहिए।
नुआखाई हमारी कृषि संस्कृति और सामाजिक एकता का पर्व
राष्ट्रपति ने नुआखाई की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि समृद्ध परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह लोगों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि नुआखाई कृषि परंपराओं को सहेजने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता जताने और सामुदायिक भावना को मजबूत करने का अवसर है। अन्न किसानों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के उपहार का प्रतीक है। इसलिए अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।
विकसित भारत के लिए महिलाओं की बराबर भागीदारी जरूरी
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी आवश्यक है। देश की आधी आबादी को पर्याप्त अवसर दिए बिना राष्ट्र अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे नहीं बढ़ सकता।
उन्होंने महिलाओं से सामाजिक और राष्ट्रीय गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। साथ ही पुरुषों, विशेषकर युवाओं से कहा कि वे अपनी बहनों और बेटियों को ऐसा वातावरण और अवसर दें, जहां वे बिना किसी बाधा के अपने सपनों को पूरा कर सकें। महिलाओं के प्रति सम्मान व्यवहार और दैनिक जीवन में भी दिखाई देना चाहिए।
‘जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा’
राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रदेश के युवा नक्सलवाद के भटकाव से निकलकर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है।
राष्ट्रपति के अनुसार, इस बदलाव से युवाओं और उनके परिवारों के कल्याण के साथ छत्तीसगढ़ और देश के विकास को भी गति मिल रही है।
राज्यपाल रमेन डेका बोले- सेवा को जीवन का स्वभाव बनाएं युवा
राज्यपाल रमेन डेका ने नुआखाई जुहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व नई फसल के स्वागत के साथ धरती माता के प्रति कृतज्ञता, किसानों के परिश्रम के सम्मान और मिल-जुलकर खुशियां बांटने का अवसर है। यह कृषि संस्कृति, सामाजिक एकता और आपसी सहयोग की परंपरा को मजबूत करता है।
उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मु के जीवन को संघर्ष, सादगी, समर्पण और सेवाभाव की प्रेरक मिसाल बताया। राज्यपाल ने युवाओं से नशे और भटकाव से दूर रहकर ज्ञान, कौशल और नवाचार के जरिए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
उन्होंने रक्तदाताओं, विशेषकर महिला रक्तदाताओं की सराहना करते हुए रक्तदान को मानवता की महत्वपूर्ण सेवा बताया।
राष्ट्रपति का जीवन बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा: CM साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा के एक छोटे से गांव से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का राष्ट्रपति का सफर देश की बेटियों, युवाओं और जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए प्रेरणादायक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों पुराने सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। ओड़िया समाज ने अपनी मेहनत, सादगी और सेवाभाव से छत्तीसगढ़ के विकास में योगदान दिया है। नुआखाई के अवसर पर सेवा सम्मान और युवा प्रबोधन का आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं को समाज सेवा तथा युवा सशक्तीकरण से जोड़ने की पहल है।
पांच नए मेडिकल कॉलेज से AI प्रशिक्षण तक, युवाओं के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में युवाओं की निर्णायक भूमिका होगी। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेन्द्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है, जहां प्रतिवर्ष लगभग 4,000 युवाओं को आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक प्रशिक्षण देने की योजना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन के तहत छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति के तहत युवाओं के नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया गया है।
उन्होंने फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और नाइलिट जैसे संस्थानों की स्थापना की दिशा में की जा रही पहल का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।
रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने किया रक्तदान
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया, जिनमें 1,188 महिलाएं शामिल थीं। मुख्यमंत्री साय ने रक्तदाताओं का अभिनंदन करते हुए इसे प्रदेश की सेवा भावना, सामाजिक सहभागिता और नारी शक्ति का उदाहरण बताया।
कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक सेवा और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।



