महासमुंद : खरीफ विपणन वर्ष 2026 में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए महासमुंद जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। अवैध धान परिवहन और बिचौलियों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जिले में जांच चौकियां स्थापित की गई हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को अवैध रूप से धान का परिवहन करते पाए गए 8 बिचौलियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिले में धान खरीदी व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। सरायपाली के अनुविभागीय अधिकारी तेजपाल सिंह ध्रुव के मुताबिक, अवैध परिवहन और बिचौलियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कुल 8 जांच चौकियां बनाई गई हैं। इन चौकियों के माध्यम से संदिग्ध वाहनों और धान के परिवहन पर नजर रखी जा रही है।
8 बिचौलियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
अनुविभागीय दंडाधिकारी सरायपाली से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को अवैध रूप से धान का परिवहन करते पाए गए 8 बिचौलियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 126, 135 और 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता, अवैध परिवहन या बिचौलियों की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
किसानों से प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे शासन द्वारा निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार ही धान का विक्रय करें। साथ ही अवैध धान परिवहन, खरीदी-बिक्री या बिचौलियों से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें।
प्रशासन का कहना है कि धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए निगरानी और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।



