नए संसद भवन (New Parliament Building) के उद्घाटन का मामला सुप्रीम कोर्ट (SC) पहुंच गया है. याचिका में पीएम से उद्घाटन कराए जाने को असंवैधानिक बताया गया है. याचिकाकर्ता ने राष्ट्रपति (President) से ही नए संसद भवन का उद्घाटन कराए जाने मांग की है. याचिका में याचिकाकर्ता ने कहा है कि राष्ट्रपति को उद्घाटन कार्यक्रम में आमंत्रित ना करना असंवैधानिक है. राष्ट्रपति संसद का अभिन्न हिस्सा हैं. याचिका में कहा गया कि संविधान का उल्लंघन किया जा रहा है. बता दें कि विपक्ष की करीब 19 पार्टियां नए संसद भवन के उद्घाटन के बहिष्कार का ऐलान कर चुकी हैं. वहीं, सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मांग रखी है कि नए संसद भवन का उद्घाटन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से कराना चाहिए.
19 विपक्षी दलों ने किया बहिष्कार का ऐलान
गौरतलब है कि कांग्रेस, लेफ्ट पार्टीज, तृणमूल कांग्रेस, सपा और आम आदमी पार्टी सहित 19 विपक्षी दलों ने नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने का ऐलान किया है. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि केंद्र की मौजूदा सरकार के अंतर्गत संसद से लोकतंत्र की आत्मा को निकाल दिया गया है.
वहीं, एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि नए संसद भवन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के हाथों होना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होगा तो उनकी पार्टी उद्घाटन समारोह में हिस्सा नहीं लेगी.
विपक्षी एकता में फूट!
हालांकि, नए संसद भवन के उद्घाटन के बहिष्कार के फैसले पर विपक्षी एकता में फूट पड़ती हुई भी नजर आ रही है. कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि विपक्ष को अपने फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए. आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपनी पार्टी कांग्रेस से अलग राय रखी है.
नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर विपक्ष के बहिष्कार पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रहार किया है. सीएम योगी ने कहा कि देश के लिए गौरवशाली दिन का अपमान करना गैरजिम्मेदाराना है. विपक्ष की बायकॉट पॉलिटिक्स मानों अपने चरम पर आ गई है. दूसरी तरफ लगातार विपक्षी पार्टियां नई संसद के उद्घाटन पर पीएम मोदी और बीजेपी पर हमलावर है. और अब विपक्ष के बहिष्कार पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने भी तंज कसा है.




